जमशेदपुर: टाटानगर-अमृतसर के बीच चलने वाली जालियांवाला बाग एक्सप्रेस के बार-बार रद्द होने को लेकर सिख समाज में नाराजगी बढ़ रही है। ट्रेन सेवा को नियमित कराने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार करने की दिशा में रविवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के कार्यालय में विशेष बैठक हुई।
बैठक 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे आयोजित की गई। CGPC के जनरल सेक्रेटरी अमरजीत सिंह की ओर से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रधानों और जनरल सचिवों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। बैठक में जालियांवाला बाग एक्सप्रेस के लगातार रद्द होने से यात्रियों को हो रही परेशानी और इसके समाधान के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में कहा गया कि टाटानगर से अमृतसर के बीच चलने वाली यह ट्रेन जमशेदपुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रेल सेवा है। सिख संगत के अलावा बड़ी संख्या में दूसरे समुदायों के लोग भी इस ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बार-बार सेवा रद्द होने से यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
उपलब्ध रेल समय-सारिणी के अनुसार टाटानगर-अमृतसर के बीच 18103 जालियांवाला बाग एक्सप्रेस का संचालन होता है। बैठक में ट्रेन सेवा को नियमित कराने के लिए संबंधित स्तर पर मांग उठाने और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
सर्वसमाज को आंदोलन से जोड़ने की तैयारी
आयोजकों की ओर से इस मुद्दे को केवल सिख समाज तक सीमित नहीं रखने की अपील की गई है। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं, नौजवान सभाओं, स्त्री सत्संग सभाओं, व्यापारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और विभिन्न जाति-धर्म के प्रतिनिधियों को भी साथ आने का आह्वान किया गया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नियमित रेल सेवा का मुद्दा यात्रियों की सुविधा से जुड़ा है। इसलिए सर्वसमाज की भागीदारी के साथ इसे उठाने की तैयारी की जा रही है।
आयोजकों के मुताबिक, बैठक के माध्यम से आगे की रणनीति पर चर्चा की गई है और ट्रेन सेवा को नियमित कराने के लिए व्यापक स्तर पर आवाज उठाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में आंदोलन के स्वरूप और कार्यक्रम को लेकर आगे निर्णय लिए जाने की संभावना है।

