चाईबासा: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर प्रोजेक्ट जागृति के तहत महिला कॉलेज, चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और सदर अस्पताल, चाईबासा के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और महाविद्यालय परिवार को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में सहयोग करना था।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो, सदर अस्पताल की चिकित्सक डॉ. सुजाता महतो, विकास मिश्रा, NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और मेडिकल टीम के सदस्य मौजूद रहे।
डॉ. सुजाता महतो ने कहा कि रक्तदान मानवीय और सामाजिक जिम्मेदारी है। नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। उन्होंने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने कहा कि रक्तदान किसी व्यक्ति की जान बचाने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का भी परिचायक है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए NSS टीम, मेडिकल टीम, प्राध्यापकों और छात्राओं के प्रयासों की सराहना की।
NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने बताया कि शिविर से पहले छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई, ताकि रक्तदान के लिए उनकी स्वास्थ्य संबंधी उपयुक्तता का आकलन किया जा सके। शिविर में कुल 96 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 44 लोगों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। स्वास्थ्य संबंधी मानकों के आधार पर कुछ प्रतिभागियों को रक्तदान के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। इनमें करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागियों में कम वजन, करीब 10 प्रतिशत में एनीमिया तथा अन्य में अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी कारण सामने आए।
शिविर का निरीक्षण उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार और प्रशिक्षु उप समाहर्ता ईरा जोरवाल ने किया। उन्होंने रक्तदाताओं और आयोजन टीम का उत्साहवर्धन किया। रक्तदान करने वालों को टी-शर्ट, कॉफी मग और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. राजीव लोचन नमता, डॉ. ओनिमा मानकी और सितेंद्र रंजन सिंह ने भी रक्तदान किया। आयोजन में मनीषा बिरुवा, मोबारक करीम हाशमी, डॉ. बबिता कुमारी, शीला समद, डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. प्रीति देवगम और मदन मोहन मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मेडिकल टीम में श्वेता सुमन, मिनी कुमारी, नीलमणि कोन गाड़ी, पुष्पा देवगम, मेरी मगदली, सुजाता पूर्ति, ऊषा कुमारी, अनुकंपा, सरिता सिंकू, भगवान सुंडी, प्रेमलता पूर्ति, दीपक कुमार महतो, रेशमा प्रधान, शंकेश्वरी महतो, रजनी देवगम और आनंदित होरो उपस्थित रहे। माई भारत के युवा अधिकारी अभिषेक और उनकी टीम ने भी सहयोग किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अर्पित सुमन ने रक्तदाताओं, छात्राओं, प्राध्यापकों, मेडिकल टीम, माई भारत टीम तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

