जमशेदपुर: सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की 75वीं आमसभा मंगलवार को चैम्बर भवन में संपन्न हुई। पूर्वाह्न 11:30 बजे शुरू हुई आमसभा में चैम्बर की चारों उपसमितियों की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव एवं संकल्प के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट को सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया। आमसभा के अवसर पर चैम्बर की विशेष स्मारिका का भी विमोचन किया गया, जिसमें बीते एक वर्ष के दौरान संगठन की गतिविधियों, कार्यों और उपलब्धियों को संकलित किया गया है।
उद्योग-व्यापार के साथ जनहित के मुद्दों पर फोकस : मानव केडिया
आमसभा की शुरुआत अध्यक्ष मानव केडिया के स्वागत भाषण और अध्यक्षीय संबोधन से हुई। उन्होंने पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों का स्वागत करते हुए बीते एक वर्ष में चैम्बर की गतिविधियों में सहयोग के लिए सभी के प्रति आभार जताया।
मानव केडिया ने कहा कि 74वीं आमसभा और चुनाव के बाद जब उन्होंने युवा साथियों के साथ चैम्बर की जिम्मेदारी संभाली, तब उद्योग और व्यापार से जुड़े मुद्दों के साथ जनहित के विषयों को भी प्राथमिकता देने का लक्ष्य रखा गया। एयरपोर्ट, रेलवे, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता के साथ सदस्यों के लिए खेलकूद गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर चैम्बर लगातार संबंधित विभागों, जियाडा और सरकार के समक्ष मुद्दे उठाता रहा है। राज्यभर के उद्योग और व्यापार जगत की समस्याओं को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से पहली बार झारखंड के 19 चैम्बरों को आमंत्रित कर सिम्पोजियम आयोजित किया गया।
अध्यक्ष ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट, रेलवे सुविधाओं, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, व्यापार, नवाचार, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े प्रयासों में सहयोग के लिए पुलिस के वरीय अधिकारियों, उपायुक्त, कोल्हान के डीआईजी, जियाडा और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति भी आभार जताया।
विशेष स्मारिका का विमोचन
75वीं आमसभा के अवसर पर चैम्बर की विशेष स्मारिका का विमोचन किया गया। इसमें पिछले एक वर्ष में उद्योग एवं व्यापार, सामाजिक सरोकार, जनहित और सदस्य कल्याण से जुड़े क्षेत्रों में किए गए कार्यों और गतिविधियों को दर्ज किया गया है।
महासचिव ने रखा वार्षिक प्रतिवेदन
महासचिव पुनीत कांवटिया ने आमसभा में वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान चैम्बर की ओर से व्यवसाय एवं उद्योग हित के साथ आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों पर कार्यक्रम और पहल की गईं। इन गतिविधियों में सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि इस सत्र में जो कार्य पूरे नहीं हो सके हैं, उन्हें आगामी सत्र में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके बाद कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट आमसभा के समक्ष रखी, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
चारों उपसमितियों के प्रस्तावों को मिली मंजूरी
आमसभा में व्यापार एवं वाणिज्य, जनसंपर्क एवं कल्याण, वित्त एवं कराधान तथा उद्योग उपसमिति की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव और संकल्प सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें उद्योग-व्यापार के विस्तार, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन, कर व्यवस्था में सुधार, औद्योगिक आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।
व्यापार एवं वाणिज्य उपसमिति की ओर से कोल्हान में टेक्सटाइल एवं गारमेंट पार्क की स्थापना, क्षेत्र को ट्रेडिंग हब के रूप में विकसित करने, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्यमियों को सरकारी योजनाओं एवं बाजार से जोड़ने की पहल का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा व्यापारियों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण, प्रमुख बाजारों में पार्किंग, यातायात, सफाई, प्रकाश, सुरक्षा और अग्निशमन सुविधाओं में सुधार तथा व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना की मांग शामिल रही।
ट्रेड लाइसेंस और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, स्थानीय एमएसएमई और व्यापारियों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता, रेजगारी की समस्या दूर करने के लिए सिक्का वितरण अभियान तथा कृषि उत्पादन बाजार समिति के विकास से जुड़े प्रस्ताव भी रखे गए।
जनसंपर्क एवं कल्याण उपसमिति ने जमशेदपुर और आसपास एयरपोर्ट की जरूरत, टाटानगर स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, लंबी दूरी की बसों के लिए नए बस स्टैंड और चैम्बर के लिए जमीन खरीदकर 500 सीटों वाले ऑडिटोरियम सहित नई प्रशासनिक इमारत के निर्माण का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत कोल्हान के पर्यटन और विरासत विकास के लिए डीपीआर तैयार करने, जमशेदपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में नामित करने, सदस्यता विस्तार, बिजनेस लीडरशिप कॉन्क्लेव एवं पुरस्कार समारोह आयोजित करने तथा व्यापार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए देश-विदेश में प्रतिनिधिमंडल भेजने का प्रस्ताव शामिल रहा।
वित्त एवं कराधान उपसमिति ने जमशेदपुर कमिश्नरेट में जीएसटी अपीलेट बेंच की स्थापना, झारखंड प्रोफेशनल टैक्स के ब्याज माफी और एमनेस्टी योजना, वार्षिक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाने वाले डीलरों के लिए जीएसटी एमनेस्टी योजना तथा कर कानूनों में बदलाव की पूर्व सूचना देने की मांग रखी।
इसके साथ विभागीय अपीलों की मौद्रिक सीमा बढ़ाने, सीआईटी (अपील) में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और फेसलेस अपील व्यवस्था के विस्तार से जुड़े सुझाव भी रखे गए।
उद्योग उपसमिति ने कोल्हान में नए औद्योगिक पार्क अथवा विशिष्ट विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना, टाटानगर में कोचिंग डिपो, जमशेदपुर में एमएसएमई सुविधा केंद्र और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने की मांग रखी।
प्रतिस्पर्धी विद्युत दर, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बड़े उद्योगों और एमएसएमई के साथ नियमित बैठकें, वेंडर डेवलपमेंट और बी2बी संवाद, EMC के पुनरुद्धार तथा एंकर यूनिट आकर्षित करने जैसे प्रस्ताव भी शामिल रहे।
इसके अलावा झारखंड सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने, इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 और जियाडा रेगुलेशन 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, सरकारी योजनाओं पर नियमित सेमिनार एवं कार्यशालाएं आयोजित करने तथा कोल्हान में जेएसएमडीसी कार्यालय की स्थापना की मांग भी रखी गई।
पूर्व अध्यक्षों ने साझा किए अनुभव
आमसभा में पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया, उमेश कांवटिया और निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने भी संबोधित किया। उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान चैम्बर की ओर से किए गए कार्यों और उपलब्धियों के लिए पदाधिकारियों को बधाई दी।
पूर्व अध्यक्षों ने संगठन की परंपरा, उद्योग एवं व्यापार के हित में चैम्बर की भूमिका और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने संगठन की एकजुटता बनाए रखने और आगे भी सक्रिय सहभागिता जारी रखने का आह्वान किया।
सड़क दुर्घटना में मृत लोगों को दी श्रद्धांजलि
आमसभा के समापन के बाद पिछले दिनों मेरिन ड्राइव पर हुई सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता, तृषा सिंह और वंशिका खंडेलवाल की स्मृति में चैम्बर के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
बड़ी संख्या में सदस्य रहे मौजूद
आमसभा में मनोज गोयल, चन्द्रकांत जटाकिया, उमेश खीरवाल, पीयूष गोयल, अश्विनी अग्रवाल, बिमल अग्रवाल, पवन नरेडी, राजेश जैसुका, दीपक चेतानी, जयप्रकाश हीरवाल, उमेश शर्मा, सीए पवन अग्रवाल, पवन शर्मा, अजय कुमार भालोटिया, सावरमल अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, सतीश कुमार सिंह, चेतन गर्ग, उमंग अग्रवाल, अजय कुमार, अमिश अग्रवाल, विष्णु गोयल और शांतनु घोष समेत बड़ी संख्या में चैम्बर सदस्य मौजूद रहे।

