चाईबासा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत पश्चिमी सिंहभूम के विभिन्न विद्यालयों में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला, सेवा चित्र और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में सेवा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी सेवा संकल्प अभियान में स्कूली बच्चों को सेवा भाव और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाली गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
मझगांव प्रखंड के राजकीय बुनियादी विद्यालय जानूमपी (बेनीसागर) एवं प्रखण्ड उच्च विद्यालय खड़पोस, मझगांव में आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने चित्रों और भाषण के माध्यम से स्वच्छ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की कल्पना प्रस्तुत की। बच्चों ने अपने चित्रों में देश के विकास, स्वच्छता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों को सामने रखा।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह पूर्व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को सेवा और समर्पण की भावना से जोड़ते हुए कहा कि नई पीढ़ी को देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कौशल, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने से आने वाली पीढ़ी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकेगी।
इसी क्रम में कुमारडूंगी प्रखंड के उच्च विद्यालय अंगारडिया, हाटगम्हरिया प्रखंड के ठक्कर पापा उच्च विद्यालय डुमरिया तथा तांतनगर प्रखंड के मध्य विद्यालय खड़िया टांगर में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन विद्यालयों में भाजपा के मंडल प्रमुखों के साथ महिला और पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रतियोगिताओं में सफल छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ उन्हें भविष्य के भारत के निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

