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*नारायण आईटीआई में श्रद्धापूर्वक मनाई गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती |* *पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा लें युवा : डॉ. जटाशंकर पांडेय*

चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडेय जी सहित उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर डॉ. जटाशंकर पांडेय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी 25 सितंबर 1916 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक एवं संगठनकर्ता तथा भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे। उन्होंने भारतीय परंपरा और विचारधारा को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करते हुए ‘एकात्म मानववाद’ की विचारधारा को आगे बढ़ाया। उनका मानना था कि राष्ट्र का विकास समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाकर ही सार्थक हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की राजनीति के साथ-साथ साहित्य में भी गहरी रुचि थी। उन्होंने हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं में अनेक लेख लिखे, जो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। उनका जीवन सादगी, अध्ययन, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा।

डॉ. पांडेय ने उनके विद्यार्थी जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अपनी शिक्षा के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सीकर के कल्याण हाईस्कूल से दसवीं तथा पिलानी से इंटरमीडिएट की परीक्षा में उन्होंने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। इसके बाद कानपुर के सनातन धर्म कॉलेज से बी.ए. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए आगरा में प्रवेश लिया, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई पूरी नहीं कर सके।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1937 में कानपुर में अपने सहपाठी की प्रेरणा से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का भी उन्हें सानिध्य प्राप्त हुआ। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने संघ का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपना जीवन संघ के कार्य एवं राष्ट्रसेवा को समर्पित कर दिया। वे आजीवन प्रचारक के रूप में कार्य करते रहे।

डॉ. जटाशंकर पांडेय ने कहा कि आज के युवाओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, संघर्ष, सादगी, अध्ययनशीलता और राष्ट्रसेवा से प्रेरणा लेकर समाज एवं देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में प्राचार्य जयदीप पांडे , शांति राम महतो,पवन कुमार महतो,, , शशि भूषण महतो, गौरव महतो, सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

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