चाईबासा: हो भाषा एवं वारंग क्षिति लिपि के जनक, भाषाविद् और समाज सुधारक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की स्मृति को चाईबासा में स्थायी पहचान देने की दिशा में पहल की गई है। उनकी 107वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को नगर परिषद चाईबासा की पांचवीं बोर्ड बैठक में ओत गुरु कोल लाको बोदरा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रतिमा नगर परिषद क्षेत्र स्थित आरके जैन पेट्रोल पंप के कॉर्नर पर स्थापित की जाएगी।
बोर्ड बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने की। बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी संतोषिनी मुर्मू, उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा, सभी वार्ड पार्षद, नगर परिषद के पदाधिकारी एवं कर्मी के अलावा स्वच्छता एवं पेयजल प्रमंडल चाईबासा तथा विद्युत विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ओत गुरु कोल लाको बोदरा की 107वीं जयंती हरिगुटू स्थित आदिवासी हो समाज कला एवं संस्कृति भवन सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इसी दिन नगर परिषद की बोर्ड बैठक में उनकी प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से हो भाषा एवं संस्कृति से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इसे ओत गुरु लाको बोदरा के योगदान और विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किए जाने पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से सोमवार को नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, कार्यपालक पदाधिकारी संतोषिनी मुर्मू सहित सभी वार्ड पार्षदों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान युवा महासभा के पदाधिकारियों और हो भाषा प्रेमियों ने विशेष बैठक आयोजित कर ओत गुरु कोल लाको बोदरा को श्रद्धांजलि दी और नगर परिषद के पदाधिकारियों के प्रति धन्यवाद प्रकट किया।
युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड ने कहा कि ओत गुरु कोल लाको बोदरा ने हो समाज की भाषा, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने वारंग क्षिति लिपि की खोज कर हो भाषा को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि चाईबासा में ओत गुरु लाको बोदरा की प्रतिमा स्थापित होने से उनके योगदान को स्थायी सम्मान मिलेगा। साथ ही, आने वाली पीढ़ियों को उनके इतिहास, विचार और समाज के लिए किए गए कार्यों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव को हो भाषा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आभार कार्यक्रम में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपील सामड, सचिव रवि बिरुली, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पूर्ति, सोमा जेराई, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष वीर सिंह बिरूली, पूर्व मुखिया नटवरलाल बिरुवा, महिला महासभा की अध्यक्ष अंजू सामड, जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा, जिला सचिव ऑयबन हेंब्रम, कोषाध्यक्ष सत्यव्रत बिरुवा, आशीष तिरिया, सिकन्दर तिरिया, ननिका सिंकू, हेलेन देवगम, संध्या देवगम, कमलेश बिरुवा, सोनामुनी लागुरी, सीमला बानरा, सुमित्रा माई बारी, ग्रीस चन्द्र बागे, पोमित्रा सवैयां, जोगा केराई, सुनीता तिरिया, सेरेना बिरुवा, गायत्री लागुरी, मेरी पूर्ति, रंदय सुमबुरुई, हेमवती बोयपाई, मनीषा देनगम, नानीका सिंकू, सुषमा तामसोय, जयश्री अल्डा, मनीषा बिरूवा, शुखमती कोड़ा, राजरानी देवगम, सोनी सुन्डी, मंजू गागराई, सोनाली सिंकू, लक्ष्मी बारी और अर्जुन बिरुवा सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

