जमशेदपुर। आजसू पार्टी ने झारखंड सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाते हुए 2 सितंबर को सरकार का पुतला दहन करने का ऐलान किया है। कार्यक्रम की अनुमति के लिए पार्टी की ओर से सोमवार को उपायुक्त की अनुपस्थिति में पूर्वी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया।
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सहिस ने कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर हिटलरशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग और समस्याएं रखने वाले छात्रों व युवाओं पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को जनता और युवाओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए उनकी आवाज को दबाने का प्रयास करना चाहिए।
आजसू जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और सरकार की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी इस मामले को लेकर सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेगी।
आजसू छात्र मोर्चा, पूर्वी सिंहभूम जिला समिति की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मौलिक अधिकारों के कथित हनन, छात्रों की आवाज दबाने और उनके भविष्य को प्रभावित करने वाली नीतियों का विरोध किया गया है। पार्टी ने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर 2 सितंबर को पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
आजसू नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है, बल्कि सरकार की कथित दमनकारी नीतियों और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ विरोध का लोकतांत्रिक माध्यम है। पार्टी ने जिला प्रशासन से कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सागेन हांसदा, चंद्रेश्वर पांडेय, अप्पू तिवारी, राजेश चौधरी, चंदन सिंह, मंटू शुक्ला, दीपक पांडेय, ललन झा, जमाल खान, मुन्ना भाई, जितेंद्र यादव, संजय साहू, मनोज महतो, ललित सिंह, परवीन प्रसाद, राजेंद्र सोनकर, राज सिंह, संजय सिंह समेत आजसू पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

