गुवा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की राजाबुरु खदान में करीब दो सप्ताह से जारी कामबंदी को लेकर श्रमिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों और प्रभावित कर्मचारियों ने गुवा में बड़ी सभा आयोजित कर खदान का परिचालन तत्काल शुरू कराने की मांग उठाई। सभा में मजदूरों ने एकजुट होकर कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और प्रशासनिक पहल के जरिए किया जाना चाहिए, उत्पादन एवं रोजगार को बाधित कर नहीं।
श्रमिक नेताओं ने कहा कि खदान में काम बंद रहने से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े मजदूरों के साथ-साथ उनके परिवार भी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति अथवा समूह के हितों के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों की रोजी-रोटी प्रभावित होना उचित नहीं है। काम बंद होने से दैनिक आय पर निर्भर परिवारों के सामने घरेलू खर्च चलाने की चुनौती बढ़ गई है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर नियोजन समेत अन्य समस्याएं हैं तो उनके समाधान के लिए संबंधित पक्षों को प्रबंधन और प्रशासन के साथ वार्ता करनी चाहिए। कामकाज ठप होने से समस्या का समाधान निकलने के बजाय मजदूरों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
बैठक में क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, सीटू, बीएमएस, झारखंड मजदूर यूनियन और स्थानीय बेरोजगार संघ से जुड़े पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड मजदूर यूनियन के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुखिया कपिलेश्वर डोंगो ने की।
बैठक में सभी श्रमिक संगठनों के बीच सहमति बनी कि संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जल्द ही सेल गुवा के शीर्ष प्रबंधन से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल प्रबंधन के समक्ष खदान का परिचालन शीघ्र शुरू कराने समेत श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को रखेगा और इस संबंध में औपचारिक मांग-पत्र भी सौंपेगा।
श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे जायज मांगों के समाधान के लिए वार्ता और लोकतांत्रिक तरीके से बातचीत के पक्ष में हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि कामबंदी के कारण मजदूरों की आजीविका प्रभावित होती रही तो श्रमिक संगठन इस मुद्दे को लेकर आगे भी संयुक्त रूप से आवाज उठाएंगे।

