जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण जमशेदपुर से होकर गुजरने वाली खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। खरकई नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है, जबकि स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान के काफी करीब पहुंच गई है। ऐसे में नदी के किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने मंगलवार को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि मौसम को देखते हुए शाम तक दोनों नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सामुदायिक भवनों में राहत शिविर की व्यवस्था की गई है, जहां प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ भोजन और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इधर, बागबेड़ा नया बस्ती में स्थिति चिंताजनक हो गई है। भारी बारिश के बीच स्लुईस गेट की व्यवस्था नहीं होने के कारण नदी का पानी नाले के रास्ते तेजी से बस्ती में प्रवेश कर गया। इससे सैकड़ों घर प्रभावित हुए हैं और कई मकान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। बस्ती में पानी लगातार बढ़ने से लोगों के बीच भय का माहौल है।
बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सह भाजपा नेता सुबोध झा ने जिला प्रशासन से प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बागबेड़ा नया बस्ती में तेजी से बढ़ रहे पानी को देखते हुए प्रशासन को बिना विलंब राहत एवं बचाव अभियान शुरू करना चाहिए। प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, भोजन और पेयजल की तत्काल व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।

