किसानों की कर्जमाफी का फार्म भरने में बैंकों ने की मनमानी : अयुब खान

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गुपचुप तरीके से कुछ ही बैंकों ने दो दिन ही फार्म भरी,अयुब खान ने इस संबंध मेंबीडीओ और कृषि पदाधिकारी से मोबाइल पर बात की।झारखंड राज्य किसान सभा लातेहार ने उपायुक्त से की हस्तक्षेप की मांग।

LATEHAR झारखंड राज्य किसान सभा लातेहार जिला अध्यक्ष अयुब खान ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा है कि किसानों के कृषि कर्जमाफी का फार्म भरने में बैंकों द्वारा भेदभाव और मनमानी किया गया है, बैंक की कार्यप्रणाली से किसान भ्रमित हैैं, कर्ज माफी का फॉर्म नहीं भरे जाने की शिकायत किसानों की ओर से मिल रही है, बैंक द्वारा कहा गया कि 20 दिसंबर तक ही फॉर्म भरने का समय था जो खत्म हो गया है, जो किसान वर्ष 2014 से 31 मार्च 2020 तक ऋण लिए हैं और उनके पास राशन कार्ड है वैसे कुछ किसानों को फोन कर बैंक बुलाकर उसकी ऋण माफी योजना में फॉर्म भरा गया है, जिसका खाता एनपीए में चला गया है उसका फार्म नहीं भरी गई, जिसके पास राशन कार्ड नहीं है वैसे किसानों का भी फार्म नहीं भरा गया, कुछ बैंकों में यह फार्म एक भी नहीं भरा गया है, ऋण माफी योजना का प्रचार प्रसार नहीं किए जाने से हजारों किसान फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं, फार्म के साथ किसानों से राशनकार्ड, आधार कार्ड, केसीसी लोन का मुल पासबुक भी जमा करा लिया गया है, बैंकों में शिर्फ दो दिन गुपचुप तरीके से फार्म भरा गया, फार्म भरने के लिए कुछ किसानों को परेशान करने के बाद भी उसकी फार्म बैंकों ने नहीं ली, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने सरकार बनते ही किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का वचन दिया था जो अबतक पूरा नहीं हुआ है, सरकार बने एक वर्ष होने को है लेकिन किसानों से की गई वादा पूरा नहीं हुआ है, 2014 से 31 मार्च 2020 तक ऋण माफी की तिथि सरकार द्वारा तय किए जाने और उपर से ऋण माफी के लिए राशनकार्ड का होना अनिवार्य कर दिए जाने से किसानों मे भारी निराशा है, 2014 से पहले किसानों ने अधिक ऋण लिए हैं, लेकिन सरकार 2014 से ऋण माफी मे किसानों को शामिल कर रही है, जबकि 2014 के बाद करीब 5% ही किसान ऋण लिए हैं, 2014 के पहले 95% किसानों के बीच ऋण वितरण किया गया है, बड़ी संख्या में ऋण माफी योजना से किसान बाहर हो रहे हैं, ऐसे में सभी किसानों को कर्ज से मुक्ति कैसे मिलेगी, ऋण माफी में सरकार किसानों को बांट रही है, इससे किसानों मे कई भ्रांतियां उत्पंन्न हो गई हैं, अयुब खान ने तिथि की बंदिशों को खत्म करने, वादा अनुसार सभी किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ करने, किसानों की सुविधा के लिए प्रचार प्रसार कर ऋण का फार्म बैंक के साथ साथ पंचायतों और अंचल कार्यालय तथा आनलाईन भरवाने की मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार से की है।

अयुब खान ने इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामनाथ यादव से मोबाइल पर बात की, किसानों की कर्जमाफी का फार्म भरे जाने की बाबत पर पुछे जाने पर बीडीओ तथा कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस संबंध में सरकार की ओर से कोई दिशा निर्देश अथवा कोई पत्र अबतक प्राप्त नहीं हुआ है।

रिपोर्ट राजधानी न्यूज से बबलू खान