पूरे नगर निगम क्षेत्र को बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है, इन तीन एजेंसियों ने जाने video 👇

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सरायकेला : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज -ड्रेनेज ,जलापूर्ति और बिजली अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य को लेकर पूरे निगम क्षेत्र को बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है, सभी प्रमुख सड़कें इन तीन एजेंसियों जिंदल, सापूरजी पालम जी और के आई द्वारा कार्य के दौरान पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दी गई है। जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, और लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इधर इस समस्या को लेकर अब निगम के वार्ड पार्षदों ने एजेंसियों के विरुद्ध मोर्चा खोला है।

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आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण योजना सीवरेज -ड्रेनेज समेत जलापूर्ति को लेकर सभी प्रमुख सड़कों को काटा गया है, वहीं दूसरी ओर झारखंड राज्य विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा अंडरग्राउंड केबल को लेकर भी दोबारा से खोदे गए सड़कों को फिर से खोदा जा रहा है, जिससे पूरे निगम क्षेत्र की सभी सड़कें बदहाल हो गई है। इधर हल्की बारिश के बाद सड़कों पर मिट्टी गिरने के कारण कीचड़ जमा हो जा रही है , जिससे कई राहगीर और दो पहिया वाहन चालक इसके चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं ।एजेंसी द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाने और कार्य तीव्र गति से नहीं किए जाने के विरुद्ध अब नगर निगम के वार्ड पार्षदों ने संगठित होकर इन सभी एजेंसियों के विरुद्ध आर-पार लड़ाई का मन बनाया है, रविवार को आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 18 के पार्षद रंजन सिंह के आवास पर पार्षदों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई ,जिसमें एजेंसी द्वारा नगर निगम को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से प्रोजेक्ट के कार्य किए जाने के खिलाफ इन एजेंसियों के विरुद्ध आंदोलन की तैयारी की गई, पार्षदों का प्रतिनिधित्व कर रहे वार्ड पार्षद रंजन सिंह ने बताया कि संबंधित एजेंसियां पूरे निगम क्षेत्र को तहस-नहस करने पर तुली है , वार्ड पार्षद ने बताया कि एजेंसी जिस क्षेत्र में पहले काम शुरू करें वहां काम खत्म करने के बाद ही दूसरे क्षेत्र की ओर बढ़े, लेकिन ऐसा एजेंसी द्वारा नहीं किया जा रहा। इस समस्या को लेकर वार्ड पार्षदों द्वारा पहले जिले के उपायुक्त और नगर निगम के अपर नगर आयुक्त को मामले से अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद 15 दिनों के भीतर यदि संबंधित एजेंसियों ने तोड़े गए सड़कों को दुरुस्त नहीं किया तो इनके कार्य को पार्षद गण मिलकर बंद कराने का काम करेंगे