Mon. Apr 22nd, 2024

कुड़मी जाति संगठित होकर अपने हक और अधिकार के प्रति सजग हो :दिलीप महतो

राजनगर:  प्रखंड के बारिडिह गाँव में मानगर सोनाराम महतो केटिआर के अध्यक्षता में और सरगछिंड़ा गाँव में मानगर बनमालि महतो काछिमा की अध्यक्षता में आदिबासि कुड़मि समाज की विशेष जनजागरण बैठक आहुत हुई, जिसमें समाज के इतिहास, भाषा, संस्कृति, परंपरा इत्यादि की विस्तृत चर्चा की गई। इसके पूर्व संगठन की ओर से बैठक के अध्यक्ष और विशिष्ट समाजसेवी दीलिप महतो को कुड़मालि पीला गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आदिबासि कुड़मि समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रसेनजीत महतो काछिमा ने विस्तारपूर्वक जनजाति कुड़मि का इतिहास, मातृभाषा कुड़मालि, आदि विशिष्ट संस्कृति के बारअ मासेक तेरअ परब, जनम से लेकर बिहा और मरखि तक के नेग-नेगाचार, आदि विशिष्ट प्रथा और परंपरा, आदि धर्म प्रकृति धर्म सारना, देउआ-भुता, गुसटि-परंपरा, स्वशासन-व्यवस्था इत्यादि और भारत की जनगणना 2021 से संबंधित विशेष जानकारी साझा किये।

बैठक को इसके पहले विशिष्ट अतिथि स्थानीय जनसेवक दीलिप महतो साँखुआर एवं प्रकाश महतो केटिआर और मनोज महतो टिड़ुआर ने भी संबोधित किया। दीलिप महतो ने जहाँ समाज से एकजुट और संगठित होकर अपने भाषा-संस्कृति-परंपरा के प्रति जागरूक रहकर अपने हक-अधिकार के लिए सजग रहने की अपील की, वहीं प्रकाश महतो ने आदिबासि, कुड़मि और समाज के तथ्य को स्पष्ट किया। मनोज महतो ने वर्तमान पिछड़ा वर्ग सर्वे में हुए गड़बड़ियों का खुलासा करते हुए समाज से भविष्य में ऐसे किसी भी तरह के सर्वे के लिए सतर्क रहने का अपील किया। बैठक का संचालन बुद्धेश्वर महतो और शिवचरण महतो ने किया। बैठक में मुख्य रूप से बैद्यनाथ महतो, लक्ष्मी महतो, धिरेन महतो, रंजीत महतो, हरेकिर्तन महतो, सुबोध महतो, बिसेसर महतो, शंकर महतो, जितेन महतो, विश्वनाथ महतो, पप्पु महतो, गउर महतो आदि एवं काफी संख्या में समाज के ग्रामीण मौजूद रहे।

 

सरायकेला/राजनगर से रवि कांत गोप की रिपोर्ट

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