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ब्लैक फंगस से मृत पचंबा गिरिडीह की उषा देवी के आश्रितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह ने किया आर्थिक मदद

 

संवाददाता डिंपल की रिपोर्ट गिरिडीह ब्यूरो बबलू खान के साथ

ब्लैक फंगस से मृत पचंबा गिरिडीह की उषा देवी के आश्रितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह ने किया आर्थिक मदद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष महोदया, गिरिडीह ने सौंपी बीस हजार रुपए का चेक एवं खाद्यान्न

 

गिरिडीह जिला अंतर्गत बोडो पचंबा निवासी *ब्लैक फंगस* महामारी की पीड़िता उषा देवी की मृत्यु रिम्स, रांची में इलाज के दौरान हो जाने के उपरांत उनके परिजनों के द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह में आवेदन देकर आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु निवेदन किया गया था। इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करते हुए माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह, श्रीमती वीणा मिश्रा ने गंभीरता पूर्वक इस मामले को लिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के माध्यम से पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उनकी तत्कालिक समस्याओं को जाना एवं माननीय झालसा, रांची से पत्राचार के माध्यम से आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त कर उक्त महिला के आश्रितों को आर्थिक मदद प्रदान करने की दिशा में त्वरित कार्रवाई किया।

इसी कड़ी में आज माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के द्वारा मृतक मृतिका उषा देवी के दो पुत्रों एवं 3 पुत्रियों को ₹20000 का चेक बतौर आर्थिक सहायता एवं 50 किलो चावल तथ गेहूं उनके घर पर जाकर प्रदान किया गया एवं उनके परिजनों का हाल-चाल लिया गया। मौके पर उनके साथ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गिरिडीह, श्री मिथिलेश कुमार सिंह, अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गिरिडीह, श्री मनोरंजन कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह, श्री संदीप कुमार बर्तम, उपस्थित थे।

इस मौके पर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के द्वारा उनके बच्चों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ जिला प्रशासन के सहयोग से प्रदान कराने का आश्वासन दिया गया। विदित हो कि मृतिका उषा देवी के पति की मृत्यु पूर्व में ही हो चुकी थी, एवं वह अपने घर की एकमात्र कमाऊ सदस्य थी। वर्तमान में उनके तीन बेटियां और दो बेटे हैं एवं सभी बेरोजगार है। माननीय अध्यक्ष महोदया ने उनके बच्चों को जीविकोपार्जन हेतु उनकी इच्छा एवं सुविधानुसार तकनीकी शिक्षा (कौशल विकास योजना) प्रदान कराने में भी सहयोग का आश्वासन दिया है। इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए सचिव महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह श्री संदीप कुमार बर्तम ने बताया कि पूर्व में भी इनके बच्चों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के द्वारा संचालित वार रूम के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर खाद्यान्न इत्यादि की मांग की थी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह ने पूर्व में भी इनके परिवारजनों को दो बार सूखा राशन जिनमें चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, मसाला, चूड़ा, सत्तू, चना इत्यादि प्रदान किया था। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के वार रूम में प्रतिनियुक्त चिकित्सक से इनकी मां के इलाज के बारे में सलाह मशवरा कराया गया था, जिसमें प्रतिनियुक्त चिकित्सक द्वारा उन्हें रिम्स रांची में जाकर बेहतर इलाज कराने का सलाह दिया गया था। उक्त महिला का रिम्स रांची में लंबी अवधि तक इलाज होने के उपरांत उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके बेटे बेटियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह में आवेदन देकर कुछ आर्थिक मदद की मांग किया, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष महोदया के मार्गदर्शन में तथा माननीय झालसा रांची के निर्देशानुसार आज उन्हें ₹20000 का आर्थिक मदद चेक के माध्यम से प्रदान किया गया है साथ ही साथ तत्काल राहत के तौर पर सुखा राशन के रूप में 50 किलो चावल और गेहूं भी प्रदान किया गया है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह इनके परिवारजनों को उचित विधिक सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर तत्पर है, और उनके बच्चों की अर्हता के आधार पर उन्हें केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिला प्रशासन से तालमेल कर उचित लाभ प्रदान कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

 

आदेशानुसार

सचिव

जिला विधिक सेवा प्राधिकार

गिरिडीह।

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