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आज, गिरिडीह के एक स्थानीय होटल में , भोजन के अधिकार अभियान की मीटिंग आयोजित की गई

संवाददाता डिंपल की रिपोर्ट गिरिडीह ब्यूरो बबलू खान के साथ

आज, गिरिडीह के एक स्थानीय होटल में , भोजन के अधिकार अभियान की मीटिंग आयोजित की गई थी। इसमें मुख्य रूप से जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता, बलराम जी, एवम् भोजन के अधिकार अभियान, के राज्य संयोजक असर्फी नंद प्रसाद भी शामिल थे। सबसे पहले अंबेडकर सामाजिक संस्थान के सचिव रामदेव विश्वबंधु ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। कोरोणा महामारी एवम् इस दौरान रोजी रोजगार, राशन, पेंशन पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव की चर्चा की। एडवोकेट सतीश कुंदन ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ पढ़ाया। बोकारो के साथी अफजल अनीस ने राज्य में किए गए आंगड़ वाडी के सामाजिक अंकेक्षण पर विस्तार से बताया कि राज्य में 55%, लोगों को केंद्र से सुखा राशन नहीं मिला। उपस्थित लोगों ने कहा कि लोगो को पूरा राशन, डीलर नहीं देता है। दो, तीन किलो काट लेता है। कई लोगों ने कहा कि नरेगा में लेट पेमेंट होता है। असर्फी नंद ने विस्तार से बताया कि, राशन, नहीं मिलने पर, कहां शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपर समाहर्ता के यहां शिकायत दर्ज करें। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो तीस दिन बाद राज्य खाद्य आयोग को शिकायत करे। रांची से आए सामाजिक कार्यकर्ता बलराम जी ने खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के बारे जानकारी दी। उन्होनें बताया कि ग्रामीण इलाकों में 86% तथा शहरी इलाकों में ,60%, लोगों को राशन देने का प्रावधान है। लोग। भूख से न मरे, ये सरकार की जिम्मेवारी है। संविधान ने सबको सम्मान पूर्वक जीवन जीने का हक दिया है। इस अवसर पर गुमला जिले से जिप सदस्य सरोज लकरा, बैजनाथ बैजू, सुरेंद्र ठाकुर, बसंती देवी, ललियां देवी, शांति मुर्मू, रेखा दत्ता, आलम अंसारी आदि 50 लोग शमिल थे। कई एनजीओ लोग भी थे। ग्राम कल्याण, मानव प्रेरणा सेवा संस्थान, यूनाइटेड मिली फोरम, अभी व्यक्ति फाउनेशन, ज्ञान विज्ञान समिति और अंबेडकर सामाजिक संस्थान इत्यादि।

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