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पूर्व शिक्षा मंत्री मांडर विधायक सह कोविड 19 प्रभारी पलामू पहुंचे गनइखाड़,ब्रह्मदेव सिंह के आश्रितों से मिलें,जाना हाल।

लातेहार जिला के गारू प्रखंड अंतर्गत घासीटोला पंचायत के गनइखांड गांव में 12 जून को सुरक्षाबलों द्वारा की गई फायरिंग में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी। ग्रामीण की पहचान ब्रह्मदेव सिंह के रूप में की गई थी। मामले को लेकर जिला से राजधानी तक सियासी गहमा-गहमी का माहौल है। इसी कड़ी में बुधवार को मांडर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की ने गांव का दौरा किया।

 

गनइखांड गांव पहुंचे विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि मुझे अखबारों, सोशल मीडिया और टीवी चैनलों के जरिए घटना की थोड़ी-बहुत जानकारी मिली थी। आज मैंने गांव का दौरा किया। मृतक ब्रह्मदेव सिंह के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की। जानकारी मिली कि पुलिस के जवानों ने फायरिंग में एक निर्दोष ग्रामीण की हत्या कर दी वो भी उसके घर से कुछ ही फीट की दूरी पर। ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। बंधु तिर्की ने कहा कि प्रदेश में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे लोगों का भरोसा कम होता है।*

 

बंधु तिर्की ने कहा कि घटना की अविलंब उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जो लोग भी दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ विधिसम्मत्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे आगामी विधानसभा सत्र में सदन में इस मामले को प्रमुखता से उठाएंगे। बंधु तिर्की ने कहा कि ब्रह्मदेव सिंह के आश्रितों को न्याय दिलाने के लिए वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव से भी मुलाकात करेंगे। विधायक बंधु तिर्की ने मांग की है कि आश्रितों को मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रह्मदेव सिंह की पत्नी पर 1 वर्षीय बच्चे का पालन-पोषण करने की जिम्मेदारी है। वो पढ़ी-लिखी भी है। सरकार को चाहिए कि अविलंब उसे सरकारी नौकरी दी जाये।

 

विधायक बंधु तिर्की के साथ समाजसेवी और युवा नेता शशि पन्ना ने भी गनइखांड गांव का दौरा किया। शशि पन्ना ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि आश्रित परिवार को मुआवजा और सरकारी योजना का लाभ मिले। उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी मिले। गनइखांड गांव के अधिकांश ग्रामीण मूलभूत सुविधा के अभाव में जी रहे हैं। प्रशासन से कहा गया है कि उनको अविलंब सरकारी सहायता दिलवाई जाये। शशि पन्ना ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि मामले की जांच का मुद्दा विधानसभा में उठाया जाये। विधायक बंधु तिर्की ने इस बात का आश्वासन भी दिया है।

 

जानिए! गनइखांड गांव में उस दिन क्या हुआ था।

गौरतलब है कि गनइखांड की घटना के लेकर झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में आक्रोश है। ग्रामीणों के मुताबिक ये फर्जी मुठबेड़ का मामला है। उनका कहना है कि ब्रह्मदेव सिंह को जगुआर के जवानों ने पहले उसके घर के पास जांघ में गोली मारी और फिर जंगल में ले जाकर कनपटी में गोली मार दी। इस बीच ब्रह्मदेव सिंह और उसके साथी कहते रहे कि वे नक्सली नहीं हैं बल्कि ग्रामीण हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां तक ब्रह्मदेव सिंह के हाथ में हथियार होने की बात है, दरअसल ग्रामीण सरहुल पर्व को लेकर परंपरा के मुताबिक जंगल में शिकार खेलने जा रहे थे।

 

मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी गारू, प्रखंड चिकित्सक पदाधिकारी गारू, कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुनेश्वर उरांव, सामाजिक कार्यकर्ता राम बिशुन नगेसिया, राजू लकड़ा, गजेन्द्र किसान, बबलू किसान आदि मौजूद थे।

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