कैट ने वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोविड़ के दौरान ई कॉमर्स द्वारा गैर जरूरी वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की 

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कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजे एक पत्र बेहद क्षोभ जाहिर करते हुए कहा की वर्तमान कोविड संकटकाल में भी अनेक ई कॉमर्स कंपनियां अपनी आदत के मुताबिक विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए गैर जरूरी सामान की बिक्री करते हुए उन्हें वितरित कर रही हैं। कैट ने कहा कि लॉकडाउन का एकमात्र उद्देश्य लोगों के बीच सामजिक एवं शारीरिक दूरी रख कर कोविड -19 वायरस को और अधिक फैलने से रोकना है और इसीलिए गैर-आवश्यक वस्तुओं की बिक्री न हो इसके लिए ऐसे सभी राज्यों में दुकानों को बंद करने का आदेश देना तथा ई कॉमर्स के माध्यम से भी इन वस्तुओं की बिक्री को रोकना कोविड दिशानिर्देशों में शामिल है !

कैट के राष्ट्रीय सचिव श्री सुरेश सोन्थालिया ने कहा कि राज्य सरकारों के इस आदेश को मानते हुए इन सभी राज्यों में व्यापारिक समुदाय ने अपनी दुकानें और मार्केटों को बंद रखा हुआ है जबकि ऐसा करने पर उन्हें बड़े क्यापार का नुक्सान हो रहा है ! यह बेहद आश्चर्यजनक है कि सरकारी निर्देशों एवं आदेशों का घोर उल्लंघन करते हुए कुछ बहुराष्ट्रीय ई कॉमर्स कंपनियां गैर-जरूरी सामान को बेच रही हैं और लोगो की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। बड़ी संख्या में वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्टेशन,ग्राहकों तक डिलीवरी खुलेआम की जा रही है। इस तरह की ई-कॉमर्स बिक्रीऔर डिलीवरी लॉकडाउन के मुख्य उद्देश्य को विफल कर रही है और गैर-आवश्यक वस्तुओं को बेचकर बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अपनी इस कुटिल नीति के कारण ही कोविड वायरस को बढ़ा रही हैं !

सिंहभूम चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के महासचिव भरत वसानी ,चाईबासा चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष नितिन प्रकाश, जमशेदपुर डिस्ट्रिब्युटर अस्सोसियण के अध्यक्ष दिलीप गोयल, थोक वस्त्र विक्रेता संघ के अध्यक्ष स्वरूप गोलेछा, जमशेदपुर चेम्बर के महासचिव हर्मिंदर सिंह मंटू , इलेक्ट्रॉनिक समानो के वयसायी राजा सिंह और झारखण्ड मोबाइल डीलर अस्सोसियीसन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह गोल्डी ने संयुक्त कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से गैर-आवश्यक वस्तुओं की बिक्री से लोगों के लिए वायरस के संपर्क में आने और फैलने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इन वस्तुओं की डिलीवरी में लगे कमजोर वर्गों के लोग जो बमुश्किल अपना जीवन यापन कर रहे हैं का जीवन जोखिम में डालने वाला है क्योंकि डिलीवरी करने वाले ये लोग एक ही दिन में अलग अलग घरों में जाते हैं और पता ही नहीं लगता की कहाँ से संक्रमित हो जाते हैं या संक्रमण फैलाते हैं ! बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कुछ रुपये कमाने के लिए भारतीय नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है ज्ञातव्य है की विभिन्न ई कॉमर्स कंपनियों के व्यापार के तरीकों की जांच भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा की जा रही हैऔर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम . 1999 के उल्लंघन के लिए प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रहा है

व्यापारी संघठनो ने कहा की झारखण्ड के व्यापारी इस बात को लेकर बहुत परेशान हैं कि पिछले लंबे समय से ये ई-कॉमर्स कंपनियां बिना किसी डर के कानून और नीति का उल्लंघन कर रही हैं और उनके खिलाफ अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जिससे व्यापारियों को यह मानने के लिए मजबूर कर दिया है कि नियमों और नीति का अनुपालन केवल व्यापारियों के लिए लागू होता है और इन कंपनियों को नियमों का उल्लंघन करने और ई-कॉमर्स पर ही नहीं बल्कि झारखण्ड के खुदरा व्यापार पर नियंत्रण करने और हावी होने के लिए सम्पूर्ण अनुमति दे दी गई है