Mothers Day: मां की ‘प्रेरणा’ से 3000 रुपये से की शुरुआत, 22 देशों में पहुंचाया कारोबार, कई अवार्ड अपने नाम किए

0
921

मां… इस एक शब्द का वर्णन ईश्वर भी नहीं कर पाए हैं. मां अपने आप में संपूर्ण होती हैं. उनकी प्रेरणा मात्र से बच्चे दुनिया जीत लेते हैं. एक पिता का संरक्षण बच्चों के लिए जितना जरूरी होता है, उससे ज्यादा जरूरी होता है, मां का प्यार, दुलार, फटकार, लालन-पालन, सीख, प्रेरणा… और भी बहुत कुछ.

कानपुर की जिस मां की कहानी यहां आपको बताई जा रही है, उसके लिए अपनी बेटी को पालना बहुत ही संघर्ष से भरा रहा. छोटी उम्र में ही प्रेरणा के पिता का निधन हो गया था. ऐसे में पूरा दारोमदार उनकी मां पर था. मां ने ही प्रेरणा को संभाला, पाला-पोसा और बड़ा किया. मां की प्रेरणा से ही प्रेरणा आज लेदर इंडस्ट्री में अपना मुकाम बना पाई हैं.

12 साल में 22 देशों तक पहुंचा प्रॉडक्ट

कानपुर की प्रेरणा वर्मा ने अपनी मां की प्रेरणा से फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है. अपनी इनोवेटिव सोच में हव कई नेशनल अवार्ड अपने नाम कर चुकी हैं. करीब 15 साल पहले घर के एक कमरे से उन्होंने लेदर कार्ड का काम शुरू किया था और आज करीब 22 देशों में उनका प्रॉडक्ट पहुंच चुका है. यह मुकाम हासिल करने में उन्हें 10 साल से ज्यादा का समय भले ही लगा, लेकिन मां की हौसलाफजाई से उनकी गिनती आज सफल इंटरप्रेन्योर में होती है.

पढ़ाई, नौकरी फिर अपना काम… ऐसे बनाया मुकाम

पिता के निधन के बाद उनकी मां ने ही उन्हें संभाला. एक स्थानीय मीडिया ​रिपोर्ट में प्रेरणा ने बताया है कि उन्हें पढ़ाई करने की उम्र में ही नौकरी करनी पड़ी थी, तब वह हाईस्कूल में थीं. स्कूल से आकर ट्यूशन पढ़ाना और फिर नौकरी पर भी जाना. सफर संघर्षपूर्ण चल रहा था. करीब 6 साल तक नौकरी करने के बाद उन्होंने लेदर इंडस्ट्री में काम करने का मन बनाया. पार्टनरशिप में औरों के साथ काम शुरू किया, लेकिन मामला जमा नहीं. अपना खुद का काम करने की ठान ली.

3000 रुपये से शुरुआत, अब करोड़ों में टर्नओवर

कानपुर में लेदर इंडस्ट्री अच्छी खासी जमी हुई है. इस बीच 3000 की जमा पूंजी के साथ अपने घर के एक कमरे से ही प्रेरणा ने लेदर का काम शुरू किया. इंडस्ट्री बड़ी है, क्या अलग किया जाए… यह सोचकर प्रेरणा ने लेदर ज्वेलरी और अन्य एक्सपोर्ट आइटम के लिए लेदर कार्ड बनाने का काम शुरू किया. बात इनोवेशन और कारीगरी की थी. मामला जम गया. एक कमरे से शुरू हुआ बिजनेस अब एक फैक्ट्री में तब्दील हो चुका है और अब टर्नओवर करोड़ों में पहुंच चुका है. क्रिएटिव लेदर्स उनकी कंपनी का नाम है और http://creative-leathers.com/ उनकी कंपनी की वेबसाइट है.

विदेशों में डिमांड, पा चुकीं है कई अवार्ड

अच्छी क्वालिटी के कारण उनके प्रॉडक्ट की डिमांड अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, कनाडा, ब्राजील, पोलैंड और साउथ अफ्रीका समेत करीब 22 देशों में है. उनका 80 फीसदी प्रॉडक्ट विदेशों में निर्यात होता है.

प्रेरणा को इनोवेशन के लिए दर्जनों अवार्ड मिल चुके हैं. पांच बार तो नेशनल लेवल पर अवार्ड मिला. तीन साल लगातार वर्ष 2015, 2016, 2017 में उन्होंने यह अवार्ड अपने नाम किया. वह नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल और स्टेट गवर्नमेंट से भी सम्मानित कर चुकी हैं. साउथ कोरिया में इंटरनेशनल वर्कशॉप में भारत सरकार की ओर से शामिल हो चुकी हैं.