कोरोना से लापरवाही पड़ेगी भारी-राजेश सिन्हा

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राजेश सिन्हा

गिरिडीह

इतनी भयावह स्थिति के बाद भी बिना मास्क के घूमने वाले लोग,बाजार में टूट पड़ते है सब्जी के लिए फल के लिए बिना मास्क का,आँख में चश्मा नही रहता,आँख भी ढ़का नही रहता,घर मे कोई परहेज नही,परिवार समाज मे कोई परहेज नही,लोग यदि दिल पर हाथ रख के पूछे तो उनको लगेगा कि वही दोषी है,दोस्ती छुटती नहीं पार्टी छूटती नही,बाइक छूटती नही,सट सट के बात करना जारी है,पुलिस को देखकर मास्क लगाना फैसन बन गया है मास्क को नाक के नीचे सरकाना शौक सामिल है,जो समझा रहे कि ठीक से रहो उसी का मजाक उड़ाया जा रहा है,तो भयावह स्थिति आएगा ही।

लक्षण आने के बाद छुपाना,यह बोलना की कोरोना मुझे हो ही नही सकता,होने के बाद लापरवाही आम बात है,2 दिन छुपाना,पहले परिवार को बाटना फिर दोस्तो को बाटना,फिर अनजान बनके मटियाना यह आम बात है।

पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारी से लेकर छोटे अधिकारी, सभी थाना,सामाजिक संगठन,स्वेक्षा से 24 घंटे एलर्ट है कोरोना को भगाने में लेकिन कोरोना फैलाने वाले,लगे है मुँह चिढाचिढा कर कोरोना को फैलाने में,पुलिस का पेसेन्स टूटना स्वाभावीक है,कोई चुपके से दुकान खोल रहा है कोई चुपके से कपड़ा बेच रहा है सी सी टी कैमरे से पुलिस का चहलकदमी चेक कर रहा है,यह खुद को खुश करना और खुद को मौत से मुलाकात करने का तरीका है जिसे तत्काल खत्म करना होगा वरना शमशान कम पड़ जायेगा,कब्रिस्तान कम पड जाएगा।

हरेक मुहल्ले और गाँव के बेहतर सोच वाले एकत्रित हो जाए जाहिल सोच वाले को सुधारना पड़ेगा आज के तिथि में इससे बड़ा कोई कार्य नही है।

हरेक मुहल्ले में खुद फंड जोगाड़ कर के कुछ ऑक्सीजन,दवाई सिलेंडर,सेनिटाइजर, अनाज,आदि जोगाड़ करें अपने अपने मुहल्ले में कमिटी बनाये दूर दूर रह के बडी खराब स्थिति आ गई है,थोड़ा डरिये आपके पीछे कई परिवार है,थोड़ा संभालिए।

गिरिडीह से डिम्पल की रिपोर्ट