आम के पेड़ के नीचे पत्तों की सेज पर आराम फरमा रहा था जिदन गुड़िया और आ धमकी मौत, जानिये कैसे हुई उग्रवादी जिदन गुड़िया की घेराबंदी

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झारखंड के कई जिलों में आतंक का पर्याय बन चुके पीएलएफआई के उग्रवादी जिदन गुड़िया पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था झारखंड पुलिस ने. पुलिस ने इस इनाम की घोषणा से संबंधित पोस्टर गांवों में जारी किये थे.

डीजीपी के मुताबिक, इसी का फायदा पुलिस को मिल गया. बेहद गुप्त तरीके से पुलिस को जिदन गुड़िया की जानकारी मिल गयी. खूंटी पुलिस को जानकारी मिली कि जिदन गुड़िया जिले के ही मुरहू थाना क्षेत्र के जंगल में छुपा हुआ है. यह सूचना मिलते ही खूंटी पुलिस और सीआरपीएफ की टीम रेस हो गयी.

पत्तों की सेज पर आराम कर रहा था जिदन

यह रविवार की सर्द रात थी. खूंटी पुलिस और सीआरपीएफ के जवान मुरहू के उस जंगल में पहुंच चुके थे, जहां जिदन गुड़िया के छुपे होने की सूचना मिली थी. खूंटी पुलिस और सीआरपीएफ के जवान जिदन गुड़िया की टोह में रातभर ज्वॉइंट सर्च ऑपरेशन चलाते रहे.

रात बीत गयी और सुबह हो गयी. सोमवार की सुबह. यही सुबह जिदन गुड़िया की जिंदगी की काली रात बनकर आयी. पुलिस और सीआरपीएफ की टीम को जिदन मिल चुका था. सुबह के नौ बज चुके थे. जिदन गुड़िया जंगल में आम के एक पेड़ के नीचे पत्तों की सेज पर चटाई बिछाकर आराम फरमा रहा था.

उसके चारों ओर दो-दो की टुकड़ी में उसके साथी उसकी सुरक्षा में तैनात थे. उन उग्रवादियों को इसकी जरा भी भनक नहीं थी कि पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें घेर लिया है. तभी जिदन की सुरक्षा में तैनात उग्रवादियों की नजर अचानक जवानों पर पड़ी और वे फौरन उनपर फायरिंग करने लग गये.

जिदन ने पूरी मैगजीन खाली कर दी, पर पुलिस की दो गोलियों ने ही कर दिया उसका काम तमाम

जवाब में जवानों ने भी उग्रवादियों पर फायरिंग शुरू कर दी थी. पुलिस को भारी पड़ता देख जिदन की सुरक्षा में लगे उग्रवादी वहां से भाग खड़े हुए. लेकिन, तब तक आराम कर रहे जिदन गुड़िया ने मोर्चा संभाल लिया था.

जिदन अपने पास मौजूद एके-47 से पुलिस और सीआरपीएफ जवानों पर गोलियां चला रहा था. इधर जवान भी जिदन पर गोलियां बरसा रहे थे.

बताया जा रहा है कि जिदन ने गोलियां चलाते-चलाते अपने पास मौजूद एके-47 की पूरी मैगजीन खाली कर दी, लेकिन जवानों की तरफ से निकलीं दो गोलियां जिदन को जा लगीं और उसका काम तमाम कर गयीं. जिदन वहीं ढेर हो गया.

पुलिस से ही लूटी गयी एके-47 से गोलियां बरसा रहा था जिदन

जिदन गुड़िया के ढेर होते ही यह मुठभेड़ भी खत्म हो गयी. पुलिस ने जिदन गुड़िया के शव को बरामद किया और उसकी शिनाख्त भी कर ली. उसके शव के पास से पुलिस ने एक पुराने मॉडल की एके-47, जिंदा गोलियों समेत कई सामान बरामद किये. खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि इस मुठभेड़ में दोनों ओर से लगभग 150 राउंड फायरिंग हुई.

सीआरपीएफ के अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद जिदन गुड़िया के शव के पास से जो पुराने मॉडल की एके-47 बरामद हुई है, वह दरअसल पुलिस से ही लूटी गयी लग रही है, क्योंकि इस हथियार का इस्तेमाल सिर्फ सुरक्षा बल द्वारा ही किया जाता है. अब इस मामले की तहकीकात की जायेगी कि यह एके-47 कहां से लूटी गयी थी.

2010 में जेल से भाग गया था जिदन

जिदन गुड़िया के मारे जाने के बाद पीएलएफआई को बड़ा झटका लगा है. खूंटी एसपी ने बताया कि जिदन का मारा जाना खूंटी पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि झारखंड पुलिस के लिए बड़ी सफलता है. इसके मारे जाने के बाद इलाके में शांति आयेगी.

एसपी ने बताया कि जिदन पर खूंटी सहित अन्य जिलों में कुल 80 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. जिदन 2006 में पकड़ा भी गया था, लेकिन 2010 में जेल से भाग गया था.

जेल से भागने के बाद जिदन और कुख्यात हो गया और एक के बाद एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद पुलिस के लिए जिदन को पकड़ना या मारना एक मिशन बन गया था. अब जिदन के मारे जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है.

राजधानी न्यूज़ (लातेहार)बबलू खान की रिपोर्ट