दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही संजय दत्त की हालत

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मुंबई /एजेंसी: संजय दत्त इन दिनों लंग्स कैंसर  से जूझ रहे हैं। उन्हें चौथे स्टेज का कैंसर है। कुछ दिनों पहले वे अपनी पत्नी मान्यता दत्त के साथ अपने दोनों बच्चों से मिलने दुबई गए थे। दुबई में बच्चों के साथ वक्त बिताने के बाद वे हाल ही में मुंबई लौट आए है। बता दें कि उनकी दो कीमोथेरेपी हो चुकी है। और अब तीसरी कीमोथेरेपी कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में शुरू हो गई है। हाल ही में अस्पताल से संजय की कुछ फोटोज सामने आई है। इन फोटोज को देख उनका परिवार ही नहीं बल्कि फैन्स तक हैरान रह गए।बता दें कि दिन ब दिन उनकी सेहत गिरती ही जा रही है।

संजय दत्त फोटो में कमजोर नजर आ रहे हैं। यह फोटो अस्पताल के स्टाफ में से ही किसी ने उनके साथ क्लिक की है। इस वायरल फोटो में संजय की हालत बेहद नाजुक दिख रही है।

सामने आई फोटो में संजय का वेट काफी कम हो गया है। इस फोटो में उनका लुक बदला हुआ नजर आ रहा हैं। फैंस उनकी रिकवरी के लिए दुआएं मांग रहे हैं।

वायरल हो रही फोटो में संजय लाइट ब्लू कलर की टी-शर्ट और डार्क ब्लू कलर की जीन्स में नजर आ रहे हैं। उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाने के बजाए हाथ में पकड़ रखा है।

संजय ने कंधे पर एक बैग कैरी कर रखा है और उनके चेहरे पर उदासी और गाल पिचके हुए नजर आ रहे हैं।

कीमोथेरेपी के बाद संजय दत्त लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि उनकी और कितनी कीमोथेरेपी होगी यह कहना मुश्किल है।

संजय का इलाज डॉ. जलील पारकर कर रहे हैं। डॉ. जलील ने कीमोथेरपी का पहला चरण पूरा होने पर बताया था कि कीमोथेरेपी आसन नहीं होती और फेफड़ों के कैंसर से संजय की जंग भी बेहद मुश्किल है। इसके कई साइड इफेक्ट नजर आते हैं।

बता दें कि इलाज के दौरान लीलावती अस्पताल के डॉक्टर्स ने उनके फेफड़ों से करीब 1.5 लीटर फ्लूइड निकाला था। खबरों की मानें तो उनके फेफड़ों में फ्लूइड जमा हो रहा है।भले ही संजय लंग कैंसर से जूझ रहे हैं लेकिन उन्होंने इस बीमारी को अपने काम के आड़े नहीं आने दिया। वह इलाज के साथ-साथ अपनी नई फिल्म शमशेरा की शूटिंग पर भी फोकस कर रहे हैं। हालांकि, मेकर्स चाहते है कि पहले वे पूरी तरह से ठीक हो जाए फिर काम पर लौटे।

वर्कफ्रंट की बात करें तो संजय की आने वाली फिल्मों में शमशेरा, केजीएफ चैप्टर 2, पृथ्वीराज, भुज : द प्राइड ऑफ इंडिया और तोरबाज शामिल हैं। इनमें से कुछ फिल्में पूरी हो चुकी हैं, जबकि कुछ में थोड़ा बहुत काम बाकी है।