अमेरिकी कंपनी Novavax भारत के लिए करेगी 2 अरब कोरोना वैक्सीन का निर्माण, सीरम इंस्टीट्यूट के साथ किया समझौता जानिए पूरी बात

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Coronavirus Vaccine : दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच अब लोगों को Covid-19 वैक्सीन के बाजार में आने का इंतजार है. कुछ कंपनियों का दावा था कि इस साल से बाजार में आम लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी तो कुछ ने अगले साल के शुरूआती महीनों में वैक्सीन आने की बात कही है. इसी बीच अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स इंक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ कोरोना वायरस की वैक्सीन विनिर्माण समझौते की घोषणा की है. नोवावैक्स इंक की तरफ से जारी प्रेस रिलिज में कहा गया है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया 2021 में एनवीएक्स-सीओवी 2373 की 2 बिलियन खुराक का निर्माण करेगा.

अगस्त में नोवावैक्स ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ करार किया था.

नोवावैक्स ने 2 बिलियन खुराकों का उत्पादन करने के लिए टीकों के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक सीरम संस्थान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. अब विस्तारित समझौते के मद्देनज़र सीरम संस्थान वैक्सीन के एंटीजन घटक का भी निर्माण करेगा. बता दें कि अमेरिकी कंपनी Novavax की वैक्सीन का परीक्षण मध्य चरण में है. वैक्सीन के पहले ट्रायल में पता चला है कि ये शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का हाई लेवल पर निर्माण करता है.

बता दें कि पहले ही जुलाई में खुलासा किया गया था कि ब्रिटिश सरकार ने वालनेवा की इनएक्टिवेटेड SARS-COV 2 वैक्सीन की 60 मिलियन खुराक को बनने से पहले ही आरक्षित कर लिया था. फर्म ने कहा था कि वह दिसंबर में दो-खुराक के टीके के परीक्षण शुरू करने की उम्मीद करती है और यदि सफल रहती है तो इसे 2021 की दूसरी छमाही में उपलब्ध होने में संभावना है.

आराम से स्टोर की जा सकती है वैक्सीन नोवावैक्‍स का कहना है कि उसकी कोरोना वैक्‍सीन NVX-CoV2373 पूरी तरह स्‍टेबल है. कंपनी के मुताबिक, टीके को लिक्विड फॉर्म्‍युलेशन में 2 डिग्री से 8 डिग्री तापमान के बीच रखा जा सकता है. इससे पहले से मौजूद इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर में ही कोल्‍ड चेन मैनेजमेंट आसानी से हो सकता है.