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आज से बदल गया SBI ATM से 10 हजार रुपये से ज्यादा कैश निकालने का नियम, जानिए इसके बारे में सबकुछ

नई दिल्ली. रात के समय में एटीएम फ्रॉड (ATM Fraud) से बचने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक  अपने ग्राहकों को ओटीपी आधारित एटीएम विड्रॉल (SBI OTP Based ATM Withdrawal) की सुविधा 1 जनवरी 2020 से शुरू की थी. इसके तहत रात को 8 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक एसबीआई एटीएम से 10,000 रुपये और इससे ज्यादा कैश निकालते समय ओटीपी की जरूरत होती है. अब, बैंक ने 15 सितंबर, 2020 से देश के सभी एसबीआई एटीएम में दिन भर में 10,000 रुपये और उससे अधिक निकासी के लिए ओटीपी बेस्ड कैश विड्रॉल का विस्तार किया है.

चौबीसों घंटे होगी OTP की जरूरत

24×7 ओटीपी-आधारित नकदी निकासी सुविधा की शुरुआत के साथ, एसबीआई ने एटीएम नकदी निकासी में सुरक्षा स्तर को और मजबूत किया है

दिन भर इस सुविधा को लागू करने से एसबीआई डेबिट कार्डधारक धोखेबाजों, अनधिकृत निकासी, कार्ड स्किमिंग, कार्ड क्लोनिंग और अन्य जोखिम से बच सकेंगे.

सिर्फ SBI एटीएम में मिलेगी ये सुविधा
ओटीपी आधारित नकद निकासी की सुविधा केवल एसबीआई एटीएम में उपलब्ध है क्योंकि गैर-एसबीआई एटीएम में नेशनल फाइनेंशियल स्विच (एनएफएस) में विकसित नहीं की गई है. OTP एक सिस्टम-जेनरेटेड न्यूमेरिक स्ट्रिंग है, जो उपयोगकर्ता को एकल लेनदेन के लिए प्रमाणित करता है. एक बार जब ग्राहक एटीएम में विड्रॉल रकम दर्ज कर लेते हैं तो उसके बाद एटीएम स्क्रीन ओटीपी मांगेगी, जहां आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त किए गए ओटीपी को दर्ज करना होगा.

एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर सीएस शेट्टी (रिटेल एंड डिजिटल बैंकिंग) ने कहा, ‘एसबीआई तकनीकी सुधार और सुरक्षा स्तर में वृद्धि के माध्यम से अपने ग्राहकों को सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में हमेशा सबसे आगे रहा है. हमें विश्वास है कि 24×7 ओटीपी प्रमाणित एटीएम निकासी से एसबीआई के ग्राहकों के पास सुरक्षित और जोखिम रहित नकदी निकासी का अनुभव होगा.’

कैसे काम करेगी एसबीआई की यह सुविधा?
SBI ATM से कैश निकालने के लिए ग्राहकों को पिन नंबर के साथ एक ओटीपी भी डालना होगा. यह ओटीपी उनके द्वारा SBI में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा.
SBI की ओटीपी बेस्ड एटीएम विड्रॉल सुविधा केवल 10 हजार रुपये से अधिक की निकासी पर ही उपलब्ध होगा.
SBI ने इस सुविधा को इसलिए पेश किया है ताकि एसबीआई डेबिट कार्ड होल्डर्स को किसी भी संभावित स्किमिंग या कार्ड क्लोनिंग से बचाया जा सके. इस प्रकार वो फ्रॉड से बच सकेंगे.

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