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रेल मरीज भेज रहा, टाटा मोटर्स की भर्ती लेने में आनाकानी, पता नहीं क्या है एग्रीमेंट! रेलवे डॉक्टर कह रहे ‘मैं क्या करूं!’ज्वाइंट फोरम यूनियन में उबाल

By Rajdhani News Aug 22, 2020 #Rail #Tata motors

जमशेदपुर: -टाटानगर रेलवे अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था का यह आलम है कि मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। पिछले दिनों से ऐसा वाक्या सुनने को मिल रहा है। रेलवे अस्पताल मरीज की हालत बिगड़ने के बाद आनन-फानन में टाटा मोटर्स रेफर करता है और टाटा मोटर्स किसी किसी मरीज को लेने से इंकार कर रहा है। ऐसी स्थिति में मरीज रेलवे अस्पताल में गुहार लगा रहे हैं तो रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों के द्वारा कहा जा रहा है कि वे क्या करें! ठीक इसी तरह की घटना घटने की एक खबर आई है और रेलवे के कई यूनियनों में इस घटना को लेकर उबाल आ गया है। कहीं यूनियनों के ज्वाइंट फोरम का कहना है कि टाटा मोटर्स रेलवे अस्पताल दोनों में आखिर क्या एग्रीमेंट है कि किसी मरीज को भर्ती लेता है तो किसी को नहीं लेता है। ज्वाइंट फोरम ने रेल प्रबंधन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है वरना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए संवैधानिक विरोध करने की धमकी दी।

ज्वाइंट फोरम ने फिलहाल के घटना का जिक्र करते हुए कहा कि रेल अस्पताल या यों कहें की रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण बीमार रेलकर्मी आजकल दहशत में हैं।आज सीता देवी पत्नी एस.बी.राम,सीनियर सेक्सन ईंजीनियर ,इलेक्ट्रीक जेनरल ,टाटानगर की हालत रेलवे अस्पताल में गंभीर होने के बाद आनन फानन में उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल,टेल्को रेफर किया गया उसे एडमिट नहीं लिया।पता नहीं रेलवे अस्पलाल व टेल्को में क्या एग्रीमेंट है किसी रोगी को एडमिट लेता है किसी को नहीं लेता है।उसके बाद रोगी रेल अस्पताल के चिकित्सक से गुहार लगाई पर इनलोगों ने कहा एडमिट नहीं लेता है तो मैं क्या करूँ।इसी तरह दो दिन पहले विशाल कुमार को एमजीएम भेजा गया वहाँ एडमिट नहीं लिया गया।सवाल है आखिर रात में गंभीर रुप से बीमार रेलकर्मी करे तो क्या करे।रेलवे अस्पताल की कुव्यवस्था व चिकित्सकों के बेरुखी पर ज्वांइंट फोरम अर्थात् मेंस यूनियन,एसी.एसटी.,एल आर एस ए व ओबीसी एसोसिएशन लगातार आवाज उठा रही है ।अब पानी सर के ऊपर हो रहा है रेल प्रबंधन इस पर तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुदृढ करे अन्यथा ज्वाईंट फोरम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रेल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ संवैधानिक विरोध करने को मजबूर होगा। उक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मेंस युनियन के जवाहर लाल,एम.के.सिंह,ओबीसी के सागर प्रसाद,एससी.एसटी.के बिमल रजक,एल आर एस ए के पारस कुमार ने दी।
वहीं दूसरी ओर खबरों के अनुसार इधर-उधर इलाज के लिए भटक रहे रेलकर्मी ने अपनी पत्नी के हालात बिगड़ते देख उसे अपने खर्चे पर मजबूरन टीएमएच में भर्ती कराया है।

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