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कियाडपत्ता गांव के जंगल में पेड़ से लटकता मिला चक्रधरपुर के रितेश गुप्ता का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

By Juhi Pradhan Apr 11, 2024

परिवारवालों ने कहा हत्या कर अपराधियों ने लटकाया शव, पुलिस कर रही मामले की गंभीरता से जांच 

 

पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर- खरसावां मुख्य मार्ग कियाडपत्ता गांव के जंगल में चक्रधरपुर के चांदमारी निवासी 40 वर्षीय रितेश गुप्ता का शव मिलने से सनसनी फ़ैल गयी है. रितेश गुप्ता का शव संदेहास्पद परिस्थिति में प्लास्टिक के रस्सी से फंदे से झूलता हुआ मिला है. खास बात यह भी है की फंदे से झूल रहा रितेश के शव के पैर भी रस्सी से बंधे हुए हैं. रितेष का बैग, जूता उसके बाइक की चाबी सहित अन्य सामान सभी चीजें उसके शव के सामने बिखरा पड़ा हुआ है. शव को देखे जाने से साफ़ प्रतीत होता है की अगीत लोगों ने रितेश की हत्या कर उसके शव को पेड़ पर फंदे से टांग दिया है और साक्ष्य छिपाने के लिए इसे आत्महत्या का रूप दे दिया है. गुरूवार की सुबह जबसे यह लाश देखि गयी है पुरे ईलाके में सनसनी फैल गई है.

 

दरअसल एक दिन पहले बुधवार की शाम रितेश गुप्ता की बाइक चक्रधरपुर- खरसावां मुख्य मार्ग के कियाडपत्ता गाँव के सड़क के किनारे लावारिश हालत में खड़ा पाया गया था. समाजसेवी सिकंदर जामुदा ने इसकी जानकारी सोशल मिडिया से फैलाई थी. जिसके बाद रात को जानकारी मिली थी की यह बाइक चक्रधरपुर के चांदमारी निवासी रितेश गुप्ता का है. और वह बुधवार दोपहर से लापता है. इधर रितेश गुप्ता की भी खोजबीन तेज हो गयी थी. इसी दरम्यान गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने जंगल के अंदर पेड़ पर लटकता युवक का शव देखा. इसकी जानकारी सिकंदर जामुदा को मिली तो वे भी घटना स्थल पहुंचे और अज्ञात शव पाए जाने की सुचना मुफ्फसिल थाना और मिडिया को दी गयी.

 

इधर अज्ञात शव पाए जाने की सुचना पर घरवाले भी घटना स्थल पहुंचे. घरवालों ने शव की पहचान रितेश गुप्ता के रूप में की जिसकी बाइक सड़क किनारे खड़ी थी और वह बुधवार से लापता था. घरवालों ने बताया की चक्रधरपुर शहर के चांदमारी निवासी मृतक रितेश गुप्ता चक्रधरपुर के रूपराज स्टोर का कर्मचारी था. रितेश गुप्ता के छोटे भाई दिनेश गुप्ता ने बताया की बुधवार को घरवालों को रितेश यह कहकर निकला था की वह बड़ाबांबो लक्ष्मी स्टोर तगादा करने जा रहा है. इसके बाद देर शाम तक वह घर नहीं लौटा था. जिससे घरवाले परेशान थे, इसके बाद उसकी बाइक लावारिश हालत में खरसावां रोड पर में सड़क किनारे मिलने की भी सुचना परिवार वालों को मिली थी जिससे परिवार वाले और परेशान थे. घर वालों ने रितेश के फोन पर कॉल भी किया था. लेकिन फोन को किसी अनजान व्यक्ति ने उठाया और दो बार हेलो हेलो बोलकर उसने फोन को काट दिया.

 

गुरुवार की सुबह रितेश गुप्ता का शव चक्रधरपुर-खरसावां मुख्य मार्ग कियाडपत्ता गांव के पास 700 फीट दूर जंगल में मिला जबकि रितेश गुप्ता की बाइक खरसावां रोड पर लावारिस हालत में पड़ा था. शव पाए जाने की सुचना मिलने के बाद मुफ्फसिल थाना प्रभारी रंजित उराँव घटना स्थल पहुंचे और सबसे पहले रितेश की लावारिश पड़े बाइक को कब्जे में ले लिया. इसके बाद पुलिस जैसे ही रितेश के शव को पेड़ से उतारने की कोशिश की तो उन्हें परिजनों का विरोध का सामना करना पड़ा. परिजनों ने रितेश की मौत को हत्या बताते हुए इसकी ठोस रूप से जांच की मांग की. परिजनों ने रितेश की हत्या के सम्बन्ध में वैज्ञानिक तरीके से जांच कर सख्या जुटाने की अपील की और जल्द से जल्द हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की भी मांग की. परिजनों ने तब तक शव उतारने से मना कर दिया जबतक डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम घटना स्थल पर नहीं पहुँच जाती है. जिसके बाद डॉग स्क्वायड को सुचना दी गयी. डॉग स्क्वायड नहीं पहुँचने तक रितेश के शव को पेड़ से उतारा नहीं गया है.

 

परिवार वालों को शक है की किसी ने रितेश की हत्या कर दी है और साक्ष्य छिपाने के ईरादे से उसके शव को पेड़ से टांग दिया है. आशंका व्यक्त की जा रही है की रितेश के पैर को हत्या के दौरान बाँध दिया गया था और हत्या के बाद अपराधियों ने रितेश गुप्ता के शव को घसीटते हुए जंगल ले गए और पेड़ पर प्लास्टिक के रस्सी को गला में फंसा कर उसके शव को टांग दिया था. जबकि उसका बैग सामान घटनास्थल पर पड़ा हुआ है. इधर घटना की सुचना पाकर मजदूर नेता सिकंदर जामुदा, समाजसेवी उमाशंकर गिरी, पूर्व विधायक शशि भूषण सामड, भाजपा नेता से शेष नारायण लाल आदि घटना स्थल पहुंचे हैं और घटना की ठोस रूप से वैज्ञानिक तरीके से जांच कर हत्यारों की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.

 

मृतक रितेश गुप्ता की हत्या के बाद उसकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है. वहीं उसकी तीन छोटी छोटी बेटियां और एक छोटा सा बेटा के सर से पिता का साया उठ चूका है. रितेश के परिवार के लिए अब भरण पोषण की बड़ी समस्या खड़ी हो गयी है. रितेश की ही कमाई से घर चलता था. अब घर का खर्च और बच्चों की परवरिश कैसे होगी यह चिंता परिवार को सताने लगी है. इधर लोगों ने इस घटना के बाद चक्रधरपुर- खरसावां मुख्य मार्ग कियाडपत्ता गांव के आसपास एक पुलिस चौकी बनाने की मांग की. लोगों का कहना है की यह क्षेत्र सभी थानों से और जिला मुख्यालय से काफी दूर है. यहाँ आये दिन इस तरह की घटनाएँ घटती रहती है. पुलिस के घटना स्थल पहुँचने में भी देरी होती. इसलिए यहाँ पुलिस की गश्ती और पुलिस चौकी का निर्माण बेहद जरुरी है.कियाडपत्ता गांव के जंगल में पेड़ से लटकता मिला चक्रधरपुर के रितेश गुप्ता का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

 

परिवारवालों ने कहा हत्या कर अपराधियों ने लटकाया शव, पुलिस कर रही मामले की गंभीरता से जांच

 

पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर- खरसावां मुख्य मार्ग कियाडपत्ता गांव के जंगल में चक्रधरपुर के चांदमारी निवासी 40 वर्षीय रितेश गुप्ता का शव मिलने से सनसनी फ़ैल गयी है. रितेश गुप्ता का शव संदेहास्पद परिस्थिति में प्लास्टिक के रस्सी से फंदे से झूलता हुआ मिला है. खास बात यह भी है की फंदे से झूल रहा रितेश के शव के पैर भी रस्सी से बंधे हुए हैं. रितेष का बैग, जूता उसके बाइक की चाबी सहित अन्य सामान सभी चीजें उसके शव के सामने बिखरा पड़ा हुआ है. शव को देखे जाने से साफ़ प्रतीत होता है की अगीत लोगों ने रितेश की हत्या कर उसके शव को पेड़ पर फंदे से टांग दिया है और साक्ष्य छिपाने के लिए इसे आत्महत्या का रूप दे दिया है. गुरूवार की सुबह जबसे यह लाश देखि गयी है पुरे ईलाके में सनसनी फैल गई है.

 

दरअसल एक दिन पहले बुधवार की शाम रितेश गुप्ता की बाइक चक्रधरपुर- खरसावां मुख्य मार्ग के कियाडपत्ता गाँव के सड़क के किनारे लावारिश हालत में खड़ा पाया गया था. समाजसेवी सिकंदर जामुदा ने इसकी जानकारी सोशल मिडिया से फैलाई थी. जिसके बाद रात को जानकारी मिली थी की यह बाइक चक्रधरपुर के चांदमारी निवासी रितेश गुप्ता का है. और वह बुधवार दोपहर से लापता है. इधर रितेश गुप्ता की भी खोजबीन तेज हो गयी थी. इसी दरम्यान गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने जंगल के अंदर पेड़ पर लटकता युवक का शव देखा. इसकी जानकारी सिकंदर जामुदा को मिली तो वे भी घटना स्थल पहुंचे और अज्ञात शव पाए जाने की सुचना मुफ्फसिल थाना और मिडिया को दी गयी.

 

इधर अज्ञात शव पाए जाने की सुचना पर घरवाले भी घटना स्थल पहुंचे. घरवालों ने शव की पहचान रितेश गुप्ता के रूप में की जिसकी बाइक सड़क किनारे खड़ी थी और वह बुधवार से लापता था. घरवालों ने बताया की चक्रधरपुर शहर के चांदमारी निवासी मृतक रितेश गुप्ता चक्रधरपुर के रूपराज स्टोर का कर्मचारी था. रितेश गुप्ता के छोटे भाई दिनेश गुप्ता ने बताया की बुधवार को घरवालों को रितेश यह कहकर निकला था की वह बड़ाबांबो लक्ष्मी स्टोर तगादा करने जा रहा है. इसके बाद देर शाम तक वह घर नहीं लौटा था. जिससे घरवाले परेशान थे, इसके बाद उसकी बाइक लावारिश हालत में खरसावां रोड पर में सड़क किनारे मिलने की भी सुचना परिवार वालों को मिली थी जिससे परिवार वाले और परेशान थे. घर वालों ने रितेश के फोन पर कॉल भी किया था. लेकिन फोन को किसी अनजान व्यक्ति ने उठाया और दो बार हेलो हेलो बोलकर उसने फोन को काट दिया.

 

गुरुवार की सुबह रितेश गुप्ता का शव चक्रधरपुर-खरसावां मुख्य मार्ग कियाडपत्ता गांव के पास 700 फीट दूर जंगल में मिला जबकि रितेश गुप्ता की बाइक खरसावां रोड पर लावारिस हालत में पड़ा था. शव पाए जाने की सुचना मिलने के बाद मुफ्फसिल थाना प्रभारी रंजित उराँव घटना स्थल पहुंचे और सबसे पहले रितेश की लावारिश पड़े बाइक को कब्जे में ले लिया. इसके बाद पुलिस जैसे ही रितेश के शव को पेड़ से उतारने की कोशिश की तो उन्हें परिजनों का विरोध का सामना करना पड़ा. परिजनों ने रितेश की मौत को हत्या बताते हुए इसकी ठोस रूप से जांच की मांग की. परिजनों ने रितेश की हत्या के सम्बन्ध में वैज्ञानिक तरीके से जांच कर सख्या जुटाने की अपील की और जल्द से जल्द हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की भी मांग की. परिजनों ने तब तक शव उतारने से मना कर दिया जबतक डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम घटना स्थल पर नहीं पहुँच जाती है. जिसके बाद डॉग स्क्वायड को सुचना दी गयी. डॉग स्क्वायड नहीं पहुँचने तक रितेश के शव को पेड़ से उतारा नहीं गया है.

 

परिवार वालों को शक है की किसी ने रितेश की हत्या कर दी है और साक्ष्य छिपाने के ईरादे से उसके शव को पेड़ से टांग दिया है. आशंका व्यक्त की जा रही है की रितेश के पैर को हत्या के दौरान बाँध दिया गया था और हत्या के बाद अपराधियों ने रितेश गुप्ता के शव को घसीटते हुए जंगल ले गए और पेड़ पर प्लास्टिक के रस्सी को गला में फंसा कर उसके शव को टांग दिया था. जबकि उसका बैग सामान घटनास्थल पर पड़ा हुआ है. इधर घटना की सुचना पाकर मजदूर नेता सिकंदर जामुदा, समाजसेवी उमाशंकर गिरी, पूर्व विधायक शशि भूषण सामड, भाजपा नेता से शेष नारायण लाल आदि घटना स्थल पहुंचे हैं और घटना की ठोस रूप से वैज्ञानिक तरीके से जांच कर हत्यारों की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.

 

मृतक रितेश गुप्ता की हत्या के बाद उसकी पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है. वहीं उसकी तीन छोटी छोटी बेटियां और एक छोटा सा बेटा के सर से पिता का साया उठ चूका है. रितेश के परिवार के लिए अब भरण पोषण की बड़ी समस्या खड़ी हो गयी है. रितेश की ही कमाई से घर चलता था. अब घर का खर्च और बच्चों की परवरिश कैसे होगी यह चिंता परिवार को सताने लगी है. इधर लोगों ने इस घटना के बाद चक्रधरपुर- खरसावां मुख्य मार्ग कियाडपत्ता गांव के आसपास एक पुलिस चौकी बनाने की मांग की. लोगों का कहना है की यह क्षेत्र सभी थानों से और जिला मुख्यालय से काफी दूर है. यहाँ आये दिन इस तरह की घटनाएँ घटती रहती है. पुलिस के घटना स्थल पहुँचने में भी देरी होती. इसलिए यहाँ पुलिस की गश्ती और पुलिस चौकी का निर्माण बेहद जरुरी है.

By Juhi Pradhan

कर्मभूमि जमशेदपुर

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