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क्रांतिवीर वीर शहीद रघुनाथ महतो की शहादत दिवस पर मूर्ति की स्थापना

चांडिल : क्रांतिवीर वीर शहीद रघुनाथ महतो मूर्ति स्थापना संकल्प समिति झिमड़ी की ओर से महानायक क्रांतिवीर वीर शहीद रघुनाथ महतो की 246 वीं शहादत दिवस मनाया गया। मौके पर नीमडीह प्रखंड अंतर्गत झिमड़ी स्थित सोनाडुंगरी परिसर में क्रांतिवीर वीर शहीद रघुनाथ महतो की आदमकद 6 फीट की मूर्ति स्थापित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। मूर्ति का अनावरण के अवसर पर मुख्य अतिथि आदिवासी कुड़मी समाज के मुलखूंटी मूल मानता श्री अजीत महतो ने सभाओं को सम्बोधित करते हुए कहा क्रांतिवीर शहीद रघुनाथ महतो के जीवन आदर्श सभी देशवासियों के लिए एक प्रेरणादायक है । उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ प्रथम संगठित जन विद्रोह चुआड़ विद्रोह (1767 – 1778 ई०) किया था। अंग्रेजों का सर्वप्रथम सशक्त विरोध क्रांतिवीर रघुनाथ महतो के नेतृत्व में 1769 को प्रारंभ हुआ था। क्रांतिवीर रघुनाथ महतो इस आंदोलन को सशक्त व नेतृत्व करने में सक्षम थे । उनका नारा था “अपना गांव अपना राज, दूर भगाओ विदेशी राज”। तत्कालीन अंग्रेजी हुकूमत इनके आंदोलन से परेशान हो रहे थे, क्योंकि इनका आंदोलन इस क्षेत्र में दूर-दूर तक फैला हुआ था। 5 अप्रैल 1778 महानायक क्रांतिवीर और इनके सहयोगियों के लिए दुर्भाग्य का दिन साबित हुआ। इस तिथि को रघुनाथ महतो ने सिल्ली प्रखंड अंतर्गत लोटा गांव के ‘ गढ़तैंतेर ‘ नमक गुप्त स्थल पर विद्रोहियों की एक गुप्त मीटिंग बुलाई गई थी। परंतु मुखबिरों की माध्यम से इस योजना का भनक अंग्रेजों को मिल गई । पूरी तैयारी के साथ अंग्रेजों ने इस स्थल को घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं । परंतु अंतिम सांस तक लड़ते लड़ते सहयोगों के साथ शहीद हो गए। आज भी इनके शहीद स्थल पर शहीदों का 15 शीलाचिन्ह स्मृति के तौर पर स्थापित है। कोटि-कोटि नमन है ऐसे शहीदों को।

इस कार्यक्रम में आदिवासी कुड़मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ सुजीत कुमार महतो, हरमोहन महतो, काकोली महतो गुणधाम मुतरुआर, अशोक पुनरिआर , प्रभात कुमार महतो, वासुदेव महतो, गणेश महतो, पद्मलोचन महतो, गुहीराम महतो, विजय महतो , रमाकांत बांसरिआर, निखिल रंजन महतो आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

By Juhi Pradhan

कर्मभूमि जमशेदपुर

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