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रजत जयंती पर छात्र- छात्राओं ने जीवंत किया विद्यालय का ऐतिहासिक सफर

उत्क्रमित उच्च विद्यालय इटापोखर में रविवार को विद्यालय स्थापना की रजत जयंती मनाई गई।इस दौरान विद्यालय के स्थापना से लेकर अबतक कि यात्रा को दिवाल चित्र, दिवाल लिखन एवं मंचन से बखुबी प्रदर्शन किया । उन्होंने अपने अभिनय नृत्य संगीत एवं वाक्चातुर्य से सभी किरदारों को जीवन्त किया। यूं तो कागजी तौर पर विद्यालय की स्थापना 2 जुलाई 1987 को हुई लेकिन विद्यालय को मूर्त रूप नहीं मिला। ग्रामीण एवं क्षेत्र वासियों का अपार संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 1998 को विद्यालय को तत्कालीन सरकार द्वारा मूर्त रूप दिया गया। उस समय कर्ताधर्ता और विधाता ब्रह्मा ,विष्णु और महेश के रूप में विद्यालय पर भवतारण मंडल का योगदान हुआ। कहने का मतलब यह हुआ कि कागज में विद्यालय का नाम और शिक्षक भवतारण मंडल। ना था विद्यालय भवन ,न ही भवन के लिए जमीन और न विद्यालय में बैठने का कुर्सी टेबल।दो मौजा के ग्रामीणों को जमायत कर शिक्षक ने जमीन का प्रबंध किया। लकड़ी के खुंटे का एक झोपड़ी बनाकर, प्रकृति प्रदत्त तीन पत्थरों को कुर्सी मान कर विद्यालय विधिवत शुरू किया गया। ये पत्थर को आज भी ग्रामीणों एवं छात्र -छात्राओं ने गुरु आसन के रूप में सजा कर रखा है। शिक्षक मंडल ने शिक्षा दान के लिए गांव के शिक्षित युवाओं को प्रेरित किया जो फ्री टाइम में विद्यालय पर शिक्षक के रुप में छात्र-छात्राओं को पढ़ने आते थे। विद्यालय के शैक्षणिक क्रियाकलाप को देखकर क्षेत्र में चर्चा होने लगी और धीरे-धीरे छात्र संख्याओं में व्यापक वृद्धि हो गई। छात्र संख्या में व्यापक वृद्धि एवं विद्यालय के प्रति क्षेत्र के लोगों का झुकाव को देखते हुए तत्कालीन सरकार ने 28 जनवरी 2011 में विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा दिया। वर्तमान विद्यालय में 400 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्यनरत है।
कार्यक्रम की शुरुआत भातरण मंडल के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं स्वागत संगीत से की गई, तत्पश्चात स्कूल के सृष्टि कर्ता मंडल ने रजत जयंती समारोह पर केक काट कर सभी उपस्थित सज्जनों एवं छात्राओं को अभिवादन किया। मौके पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता उज्जवल कुमार मंडल ने कहा विद्यालय जिस तरह ग्रामीणों के साझेदारी एवं शिक्षकों के लगन व योगदान से आगे बढ़ रही है व दिन दूर नहीं कि विद्यालय को प्लस टू का दर्जा मिल जाए। अतः सभी को मिलकर अभी से प्लस टू विद्यालय के क्राइटेरिया को फुलफिल करने की आवश्यकता है। सेवानिवृत शिक्षक जयहरी सिंह मुंडा ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा खेलो झारखंड में कामयाबी पर खुशी जताई। विद्यालय के सेवानिवृत शिक्षक भवतारण मंडल एवं स्वपन कुमार मंडल ने हर सत्र में महिला एवं पुरुष वर्ग के छात्र-छात्राएं जो मैट्रिक में सर्वोच्च अंक लाएंगे उन्हें रनर कप एवं पारितोषिक कप के द्वारा सम्मानित करने की घोषणा किए। उत्क्रमित मध्य विद्यालय टांगराईन के प्रधानाध्यापक अरविंद तिवारी, निश्चय संस्था के फाउंडर तरुण कुमार, सेवानिवृत शिक्षक पंकज कुमार मंडल, मसाल न्यूज के शशांक शेखर, पंचायत के मुखिया विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य गण भी विद्यालय के विषय पर अपना अपना अपना विचार रखे‌। बीच-बीच में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। समारोह की अध्यक्षता -प्रधानाध्यापक संजय कुंभकार ने किया। संचालन–पृथ्वीराज सोरेन एवं रामेश्वर महतो व धन्यवाद ज्ञापन माननीय सुबोल महतो के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक अंतू हेंब्रम ,किशुन हांसदा, आलोक कुमार दत्ता ,साहेब लाल महतो ,लखन टुडू, तुषार कांति महतो, बुधराय हेंब्रम, मनबोध गोप, जागरण महतो, हरेंद्र महतो, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों, बाल सांसद आदि की मुख्य भूमिका रही।

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