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नियुक्ति नियमावली में भूमिज भाषा को पुनः शामिल करने की मांग को लेकर भूमिज शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल विधायक संजीव सरदार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला।

झारखंड सरकार द्वारा झारखंड प्राथमिक सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली-2023 मे भूमिज भाषा को पुन:शामिल करने की मांग को लेकर भूमिज समाज एवं भूमिज शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल विधायक संजीव सरदार के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला. इस दौरान विधायक सविता महतो, विधायक समीर कुमार महंती, विधायक मंगल कालिंदी आदि मौजूद रहे. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भूमिज झारखंड की प्रमुख जनजातिय भाषा है, जिसे झारखंड सरकार के द्वारा 2018 मे द्वितीय राजभाषा का दरजा दिया गया है. भूमिज भाषा को अबतक शिक्षक नियुक्ति, जेटेट-2012,2013, 2016 तथा आंकलन परीक्षा, पंचायत सचिव बहाली आदि परीक्षा मे शामिल किया गया था, जेटेट परीक्षा 2016 मे भाषावार सर्वाधिक अभ्यर्थी भूमिज जनजातिय भाषा से उतीर्ण हुये थे, परंतु झारखंड सरकार के द्वारा वर्तमान मे निकाली गयी झारखंड प्राथमिक सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावाली-2023 मे भूमिज जनजातिय भाषा को सूचि से विलोपित कर दिया है, जिससे भूमिज भाषा अभ्यर्थियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. इसी को लेकर भूमिज समाज की मांग है कि झारखंड प्राथमिक सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावाली-2023 मे भूमिज जनजातिय भाषा को शामिल किये जाये, राज्य एवं जिला स्तर के सभी परीक्षा मे भूमिज भाषा को शामिल किये जाये एवं प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर के शिक्षा मे भूमिज भाषा को शामिल किया जाये. इस दौरान मुख्य रूप से भूमिज शिक्षक संघ के खोगेन सरदार, दशरथ सरदार, हिकिम सरदार, कमल लोचन सरदार, नीलमोहन सरदार, लखींद्र सरदार, ईश्वर चंद्र सरदार, अनील सरदार, अहिर चंद्र सरदार, नृपेन सरदार, रविंद्र सरदार, पिंकी सरदार, सविता भूमिज के अलावा भूमिज समाज के दिनेश सरदार, युधीष्ठीर सरदार, मिलू सरदार, निरंजन सरदार आदि शामिल थे.

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