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जिला परिषद, पंचायत समिति और मुखिया के मद में लाखों रुपए पड़े हुए हैं इसके बाद भी कई माह से खराब पड़ा है जलमीनार चापानल 

 

 

जिला परिषद, पंचायत समिति और मुखिया के मद में लाखों रुपए पड़े हुए हैं इसके बाद भी कई माह से खराब पड़ा है जलमीनार चापानल

मुकेश सिंह की रिपोर्ट चंदवा

प्रखंड पंचायत समिति की बैठक में उठाए गए समस्याओं पर कार्रवाई नहीं होती

 

चंदवा। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा है कि जिला परिषद, पंचायत समिति और मुखिया के मद में कई माह से लाखों रुपए पड़े हुए हैं इसके बाद भी पंचायत के दामोदर के महुड़र, भुसाढ, बेलवाही समेत अन्य टोलों में आधा दर्जन जलमीनार और दर्जन से अधिक चापानल महिनों से जहां तहां खराब पड़ा हुआ, हालत यह है कि गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है।

पंचायत समिति सदस्य के शिकायत के बाद भी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होती है, इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आदमी की शिकायत पर क्या होता होगा।

पानी समस्या से निजात दिलाने के लिए किसी को कोई चिंता नहीं है, गांवों में पेयजल सहित पुरी व्यवस्था चरमरा गई है।

कामता पंचायत के गांव की ग्रामीणों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

प्रखंड कार्यालय में दो तीन बार पंचायत समिति की बैठक हो चुकी है लेकिन बैठक में उठाए गए पेयजल सहित अन्य मुद्दों पर अबतक कार्रवाई नहीं हुई है।

01 नवंबर को पंचायत समिति की बुलाई गई बैठक पंसस सदस्यों की कम उपस्थिति के कारण कोरम पूरा नहीं होने पर स्थगित हो गया।

इस बैठक में तीन पंचायत समिति सदस्य इनमें कामता पंचायत समिति सदस्य अयुब खान, चंदवा पश्चिमी पंचायत समिति सदस्य नीलम देवी, चकला पंचायत समिति सदस्य तारा देवी ही शामिल हुए।

बैठक में कई विभाग के पदाधिकारी भी उपस्थित नहीं होते हैं।

प्रखंड के सभी पंचायतों की हालत समस्याओं के प्रति करीब एक जैसी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं और पदाधिकारियों द्वारा उसके समाधान के लिए पहल नहीं किए जाने से ऐसा लगता है कि आम जनता को उसके ही हाल पर छोड़ दिया गया है।

खराब पड़े चापानल और जलमीनार को कौन विभाग बनाएगा कहां से बनेगा इसका जवाब कहीं से नहीं मिलता है।

जन समस्याओं को सरकारी मुलाजिम सुनना नहीं चाह रहे हैं।आम आदमी उपर वाले के भरोसे पर जी रही है।

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