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स्वास्थ विभाग और भवन विभाग को जांच के लिए रवि डे  ने पत्र लिखा**

*स्वास्थ विभाग और भवन विभाग को जांच के लिए रवि डे  ने पत्र लिखा**

चंदवा संवाददाता मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट

चंदवा। चंदवा समाजसेवी रवि कुमार डे ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य सचिव भवन विभाग निर्माण सचिव और पलामू आयुक्त को पत्र लिखा है पत्र में श्री डे कहां है कि चंदवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भवन निर्माण विभाग के द्वारा भवन निर्माण बाउंड्री वॉल निर्माण और जमीन में पेपर ब्लॉक का निर्माण चार संवेदक के द्वारा कराया जा रहा है चारों संवेदक लातेहार के कार्यपालक अभियंता अभय कुमार राय और कनीय अभियंता मोहम्मद नसर के करीबी माने जाते हैं श्री देने पात्र में कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले तो यह देखा गया कि निर्माण कार्य में जो भी मटेरियल गिराए गए हैं जिससे भवन निर्माण तथा बाउंड्री वाल का कार्य चल रहा है वह सभी गुणवत्तापूर्ण नहीं है ठेकेदारों से श्री डे ने कहां की आप ने मांगा है कर रहे हैं उसका इस्टमिट हम सामाजिक कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराया जाए ठेकेदारों ने कहा कि इस्टमिट का कागजात हमारे पास नहीं उपलब्ध है। और कार्यपालक अभियंता अभय कुमार राय और कनीय अभियंता मोहम्मद नसर हम लोग को नहीं दिए हैं आप लोग उन सबों से ही मांग लीजिए कार्य के दौरान देखा गया कि बाउंड्री वाल पूर्व से थी उसी पर ठेकेदारों के द्वारा बीच-बीच में पिलर देकर उसी पुराने वाल पर ही नए वाल का निर्माण किया जा रहा है वही श्री डे है कार्यपालक अभियंता और कनीय अभियंता पर पूरी तरह राशि की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक करोड़ 2500000 रुपए का काम चार संवेदक के द्वारा किया जा रहा है वही अस्पताल परिसर में पुराने भवन को बिना कोई सरकारी प्रक्रिया के अस्पताल प्रबंधक और संवेदक के मिलीभगत से एरिया को बड़ा करने के लिए जेसीबी से तोड़वा दिया गया तोड़े गए भवन में पुराने फर्नीचर और लोहे के दरवाजा ग्रिल गेट आदि कई लाखों के सामान सेटिंग के तहत रात में ही गायब कर दिए इस गैरकानूनी कार्य को दोषी लोगों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग किया है और जो भी कार्य हो रहे हैं उसकी भी गहन जांच करने की अति आवश्यकता है नहीं तो सरकारी काम को कनीय अभियंता कार्यपालक अभियंता संवेदक के मिलीभगत से राशि की बंदरबांट तो हो ही रही है वही कार्य में भी भारी लापरवाही देखी जा रही है जिससे झारखंड के सरकार से श्री डे ने मांग किया है कि जांच कर दोषियों पर कारवाई की जाए।

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