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अंजुमन कमिटी के तुग़लकिया फरमान से एक परिवार आत्मदाह के लिए मजबूर

*अंजुमन कमिटी के तुग़लकिया फरमान से एक परिवार आत्मदाह के लिए मजबूर*

 

_ब्यूरो चीफ:आनन्द कुमार शाही_  हजारीबाग

 

हज़ारीबाग:कोर्रा थाना अंतर्गत मटवारी इमली चौक की रहने वाली महिला हाजी जाहिदा खातून के परिवार को मटवारी अंजुमन कमिटी ने तुग़लकिया फरमान जारी कर दिया है , जाहिदा खातून ने अपने नजदीकी थाना कोर्रा को लिखित आवेदन दिया है उसमें यह कहा गया है की मटवारी अंजुमन कमिटी के सदस्यों के द्वारा उनके परिवार को सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है, मानशिक एवं शारीरिक प्रताड़ना किया जाता है,उन्होंने यह भी कहा है की उनके मुहल्ले के जितने भी आस पास के रासन दुकान या खाने पीने की दुकान दवाई दुकान है उन सभी जगहों पर समान देने पर पाबंधी लगाया गया है,दुकान पर जब समान लेने जाते है तो दुकानदारो के द्वारा यह बोल कर लौटा दिया जाता है की अंजुमन कमिटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा समान देने से मनाही की गई है । जाहिद खातून ने कुछ लोगो का नाम लिखित दिया है जिसमे असलम उर्फ पिंटू, मो सिराज, मो अरशद, लियाकत अली, निसार अहमद, मो शहजादा मो निसार उर्फ नानका, मो मुस्ताक उर्फ टिबलु सहित कमिटी के लोग शामिल है,उन्होंने आवेदन में यह भी कहा है कि मेरे घर के सामने कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा हमेशा जमघट लगाए रहते हैं जिसके कारण हमारे घर की महिलाएं और बच्चियां नहीं निकल पाते हैं निकलने पर ताना मारा जाता है हम लोग एक एक पल घुट घुट कर जी रहे हैं ।

*लिखित आवेदन पर प्रशासन ने लिया संज्ञान*

 

जब प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी लेने पहुंचे सदर सर्किल इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह साथ में कोर्रा थाना प्रभारी उत्तम तिवारी , पूरे घटना की जानकारी दोनों पक्षों से लिया गया एवं जो अंजुमन कमेटी यह तुगलकी फरमान जारी किया है उनको पुलिस पदाधिकारी के द्वारा डांट डपट भी किया गया की ऐसे माहौल नहीं खराब करें जिससे किसी परिवार के भावना को ठेस पहुंचे इस मामले को लेकर सदर सर्किल इंस्पेक्टर ने अपने कार्यालय में दोनों पक्षों को बुलाया है।

 

_अंजुमन किमिटी के सदस्यों का आरोप से इनकार_

 

अंजुम कमेटी के सदस्यों के द्वारा इस आरोप को बेबुनियाद बताया गया है और कहा गया कि जाहिदा खातून का परिवार से मुहल्ला वासी खुश नही रहते है,ये लोग किमिटी का बात नही मानते है,हमेशा अपनी मर्जी का काम करते आ रहे है ।

 

पूर्व में पीड़ित परिवार के बहु की मौत हो गयी थी तो उसको कब्रिस्तान में मिट्टी देने से रोक दिया गया था,प्रशासन की मदद से फिर अंतिम संस्कार किया गया ।इस तुग़लकिया फरमान से पीड़िता ने आवेदन कोर्रा थाना प्रभारी, पुलिस अधीक्षक हजारीबाग, उपायुक्त हजारीबाग ,उपमहानिरीक्षक, महिला आयोग दिल्ली, मानवाधिकार आयोग दिल्ली, को लिखित में यह भी कहा है कि अगर इन लोगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो 18 अक्टूबर को समाहरणालय हजारीबाग के सामने सभी परिवार सामूहिक आत्मदाह करेंगे ।

 

समाजसेवी डॉक्टर आनंद कुमार शाही आरटीआई एक्टिविस्ट चितरंजन गुप्ता ने पीड़िता के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन से यह मांग किया है कि ऐसे फरमान जारी करने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए, कानून से बड़ा कोई भी कमेटी नहीं होता है, संविधान सबके लिए बराबर है, इस तरह के बयान से माहौल खराब होता है एवं लोगों को एक दूसरे पर से विश्वास ही उठ जाता है ऐसे लोगों पर चिन्हित कर कार्यवाही किया जाए ।

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