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नेतरहाट विद्यालय में मनाई गई बापू एवं शास्त्री की जयंती

नेतरहाट विद्यालय में मनाई गई बापू एवं शास्त्री की जयंती – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती नेतरहाट आवासीय विद्यालय में अनूठे ढंग से मनाई गई। प्रातः जागरण पश्चात 6:30 बजे विभिन्न आश्रमों के अंतेवासी छात्रों द्वारा आश्रम के वाह्य एवं आंतरिक परिसर की सफाई संबंधित आश्रम अध्यक्ष शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में की गई। ज्ञातव्य हो कि नेतरहाट विद्यालय में छात्रों के आवासन के लिए प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर आधारित कुल 21आश्रम हैं।इन आश्रमों में विभिन्न कक्षा के छात्र एवं शिक्षक अपनी धर्मपत्नी एवं बच्चों के साथ एक परिवार की तरह साथ रहते हैं। अपराह्न 3:30 बजे से सम्मेलन भवन निर्माण शाला परिसर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ संतोष कुमार सिंह एवं अन्य शिक्षकों, छात्रों द्वारा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के आदम कद चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन कर प्रारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में श्री रवि प्रकाश सिंह विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र विभाग नेतरहाट विद्यालय के द्वारा गांधी जी के स्वतंत्रता संग्राम के सत्य अहिंसा के अतिरिक्त दूसरे प्रमुख अस्त्र ‘चरखा’ की एक धातु पट्टिका से निर्मित प्रतिकृति विद्यालय परिसर में स्थापित करने हेतु प्राचार्य के हाथों अनावरण करा विद्यालय को अर्पित किया गया। चरखा सूत तैयार करने वाला एक हस्त चलित यंत्र मात्र नहीं रहकर गांधीजी के नजरों में भारत के आर्थिक स्वावलंबन का प्रतीक बन गया था। महात्मा गांधी कहा करते थे कि चरखा छोटे और घरेलू उद्योग की वापसी का रास्ता है, आर्थिक तकलीफों को दूर करने वाला एक कुदरती तरीका है। यह शोषण से मुक्ति का मार्ग है। चरखा के उपयोग से ही गांवों को बचाया एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक डॉ रामजी सिंह का कहना था कि चक्की,चूल्हा और चरखा भारतीय संस्कृति के अंग हैं। गांधी दर्शन के इसी तथ्य को वर्तमान सरकार द्वारा Vocal for local नारे के साथ पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बापू के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम, वैष्णव जन तो तेने कहिए जे आदि की प्रस्तुति संगीत विभागाध्यक्ष डॉ शिशिर सौरभ, श्री दिवाकर मिश्र एवं छात्र संगीत मंडली द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन पंचम वर्ष के छात्र चि.कोमल,चि. आयुष एवं चि. निखिल के द्वारा किया गया।इंटर प्रथम वर्ष विज्ञान की छात्रा सुश्री नैका नन्दिनी ने ओजस्वी भाषण के साथ गांधी जी पर एक सुंदर कविता का पाठ किया।चि.अंकित ने गांधी दर्शन पर अपने सारगर्भित विचार प्रकट किए। अन्य शिक्षक वक्ता श्री विंध्याचल पांडे, श्री रवि एवं श्री राजेश ने भी अपने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन श्री रवि प्रकाश सिंह जी के द्वारा किया गया एवं राष्ट्र गान के साथ विचार गोष्ठी का समापन हुआ।

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