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कलमकारों से ही जिंदा है लोकतंत्र-AISMJWA वर्तमान संदर्भ में “पत्रकारिता व पत्रकारों की चुनौतियां” विषयक संगोष्ठी संपन्न

*कलमकारों से ही जिंदा है लोकतंत्र-AISMJWA*

 

वर्तमान संदर्भ में “पत्रकारिता व पत्रकारों की चुनौतियां” विषयक संगोष्ठी संपन्न

 

राँचीःपत्रकारों को फ्रंटलाईन वॉरियर्स का दर्जा,पत्रकारों

को न्यूनतम मजदूरी,पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून,बीमा व मेडिकल की सुविधा की लडा़ई लंबी चलेगी.उक्त बातें ऑल इंडिया स्माल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बिहार झारखंड और बंगाल प्रभारी प्रीतम सिंह भाटिया ने रांची के महेंद्र सिंह सभागार में सभा को संबोधित करते हुए कहीं.उन्होंने कहा कि संगठन के लिए फिलहाल सरकारों से लड़कर यह तमाम सुविधाएं दिलवाना ही सबसे बडी़ चुनौति है जिसके लिए ऐसोसिएशन दिन-रात प्रयासरत है.

*टोलफ्री नंबर के तरह कार्यरत है ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन-जीतेंद्र ज्योतिषी*

रांची जिला के तत्वावधान में वर्तमान संदर्भ में पत्रकारिता व पत्रकारों की चुनौतियाँ विषयक सेमिनार में झारखंड ईकाई के प्रदेश महासचिव जीतेंद्र ज्योतिषी ने कहा कि सरकार पत्रकारिता और पत्रकारों के प्रति सकारात्मक सोच के साथ अग्रसर रहती तो अब तक 37 शहीद साथियों के परिवारों को मुआवजा मिल गया होता.वे बोले ये कैसी विडंबना है कि पत्रकारों को अब सरकारों के आगे घिघियाने की नौबत आन पडी़ है.

एसोसिएशन के प्रदेश सलाहकार केबी मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता करनी है तो संघर्षपूर्ण जीवन के लिए तैयार रहना होगा.वे बोले इस बात के लिए भी तैयार रहना होगा कि आपको कोई हाउस रखना पसंद नहीं करेगा.यदि आप ईमानदार हो तो केवल संघर्षपूर्ण ही जीवन रहेगा ईमानदार पत्रकारिता सबसे बड़ी चुनौती है खासकर ऐसे समय में जब बड़े-बड़े हाउस भी सरकारी विज्ञापनों पर निर्भर हो जाते हैं.

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पुष्कर महतो ने की.

मुख्य अतिथि झारखंड,बिहार व बंगाल के प्रभारी प्रीतम सिंह भाटिया,प्रदेश महासचिव जितेंद्र ज्योतिष,प्रदेश उपाध्यक्ष नागेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता मोहम्मद सईद,प्रदेश सचिव राघव सिहं,प्रमंडल प्रभारी नवल सिहं,प्रमंडल अध्यक्ष फिरोज जिलानी,सत्यप्रकाश,शिवेंदु सेन,शभुनेश्वर केवट,सुमन मिश्रा ने खुलकर अपने विचार रखे.

 

संगोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारों को फ्रंट लाइन वॉरियर्स का दर्जा, पत्रकारों के न्यूनतम मजदूरी,पत्रकारों की सुरक्षा कानून,पत्रकारों के बीमा व मेडिकल की सुविधा की मांग को रखते हुए कहा कि आज कलमकारों से ही लोकतंत्र जिंदा है.जब पत्रकारों के नीति और सिद्धांत जिंदा रहेगें तभी ही हम नई क्रांति की बुनियाद की कल्पना कर सकते हैं.तानाशाही व पूंजीवादी शक्ति लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है. वक्ताओं ने कहा कि आजादी की लड़ाई में कलमकारो की ताकत व भूमिका अहम रही है,जिसे आज समाप्त कर क्रांति के मिसाल व मशाल को बुझाने का साजिश रची जा रही है इसलिए आज के दौर में पत्रकारिता जगत में नैतिकता समाप्त हो रहे है. जहाँ से पितपत्रकरिता का उदय हो रहा है वहीं से पत्रकारिता व पत्रकारों की चुनौतियां आरंभ होती हैं. लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए पत्रकारिता मान-सम्मान व स्वाभिमान को बचाकर करने की जरूरत है इसलिए पत्रकार लोकतंत्र की रक्षा में अपनी ऊर्जा को लगाए.

कार्यक्रम में देशभक्ति गीत लोक गायिका व झारखंड आंदोलनकारी सीमा देवी ने गाया-

 

सावधान रहबा रे,देसा के जवान, जाइक नाही देबा,अपन भारत कर सान, जाइक नाही देवा.

प्रमंडलीय प्रभारी नवल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया.कोरोना काल में निधन हुए पत्रकारों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया.संगोष्ठी में भाग लेने वालों में मो उस्मान खान,आदिल रशीद,प्रविंद्र कुमार पाण्डेय,मनोज श्रीवास्ताव,संजीत कुमार दीपक,फिरोज जिलानी,संदीप कुमार जैन,

अमित दत्ता,दिनेश हजाम,रेहान अख्तर,नसीम अख्तर,अशोक द्विवेदी,कमलेश दुबे,राशिद इमरान,डनेश बनर्जी,गुलाम शाहिद,मो.नकी इमाम रिज़वी,प्रेम शंकर साहू सहित अन्य थे.

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