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ट्रांसजेंडरों, वृद्धजनों, दिव्यांगों,विशेष रोगों से ग्रस्त और हाशिए पर पड़े कम्युनिटी को प्राथमिकता के आधार पर पूर्वी सिंहभूम में हो वैक्सीनेशन- कुणाल षाड़ंगी। 

■ केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का हो पालन, सरायकेला में विशेष रोगों से ग्रस्त लोगों का हो रहा है प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन। 

जमशेदपुर। वैक्सीनेशन की पहुंच को लेकर केन्द्र सरकार की ओर से लगातार जरुरी कदम उठाए जा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग और स्वास्थ्य विभाग इन दोनों की तरफ से राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ट्रांसजेंडरों, हाशिए पर पड़े, वृद्धजनों, दिव्यांगों और विशेष रोगों से ग्रस्त लोगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन की व्यवस्था करे।पूर्वी सिंहभूम के बगल सरायकेला में विशेष रोगों से ग्रसित लोगों के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऐसा किया जा रहा है।विशेष रोगों से ग्रसित वैसे वैसे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा असर पड़ा है, ऐसे लोगों को सरायकेला प्रशासन ने चिन्हित कर उन्हें वैक्सीनेशन की सुविधा प्रदान कराई है। पूर्वी सिंहभूम में भी उपरोक्त वर्णित सभी तबकों के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। ये बातें प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने आज एक वेबीनार में उठाई।

वेबीनार का आयोजन, किन्नरों /ट्रांसजेंडरों के लिए कार्यरत संस्था उत्थान सीबीओ और उनके सहयोगियों की तरफ से जूम के माध्यम से विशेषकर “ट्रांसजेंडरो के वैक्सीनेशन” विषय पर किया गया था।

किन्नरों के हित के लिए सदैव मुखर रहनेवाले अमरजीत ने इसका संचालन किया।

इस वेबीनार में एच आर एल एन एडवोकेट सोनल तिवारी की ओर से अहम जानकारी देते हुए बताया गया कि पहले राशन कार्ड में ट्रांसजेंडर का ऑप्शन नहीं दिया गया था, लेकिन धीरे धीरे लड़ाई लड़ने के बाद एवं बार बार सरकार को पत्राचार करने पर एवं पीटीशन फाइल करने पर थर्ड जेंडर का विकल्प लाया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से इस समुदाय की हालत पहले से भी दयनीय हो गई है। जमशेदपुर कोर्ट की एडवोकेट ममता एवं सोनल तिवारी की ओर से बताया गया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कोई भी शेल्टर होम नहीं है एवं वेलफेयर बोर्ड का भी गठन नहीं किया गया है, इसलिए हाईकोर्ट में उसके लिए पीटीशन डालना होगा। पत्रकार अन्नी अमृता ने कहा कि आईडेंटिटी प्रूफ के कारण वैक्सीनेशन नहीं रुकना चाहिए। अन्नी अमृता ने पुणे नगर निगम का उदाहरण दिया जिसकी ओर से ट्रांसजेंडरों के मोबाइल वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि हम पत्रकारों को भी अपने प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन के लिए लड़ाई लड़नी पड़ी। किन्नर समुदाय को भी अपने हक के लिए एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

डॉक्टर नागमणि बेहरा एवं आर्ट के स्मृति के द्वारा वैक्सीनेशन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया गया। उन्होंने बताया कि कोई अगर क्रॉनिक बीमारी से ग्रसित है, तब वैक्सीनेशन नहीं लेना चाहिए, बाकी लोगों को वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए।अगर कोई एच आई वी पॉजिटिव है और क्रॉनिक डिजीज से ग्रसित नहीं है तो वह भी वैक्सीनेशन करवा सकता है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने बताया कि वे सदैव थर्ड जेंडर समुदाय के अधिकारों के लिए अग्रसर हैं और जब भी जरूरत पड़ेगी समुदाय की मदद करने में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा की जिला एवं राज्य स्तर पर इसकी पहल करनी होगी और इसमें उनका सहयोग निश्चित रूप से रहेगा।

इस वेबीनार में छत्तीसगढ पूर्वी सिंहभूम, खरसावां, गिरिडीह ओर रांची के ट्रांसजेंडर मौजूद रहे।

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