आजादी के 73 वर्ष बाद भी मूलभूत बिजली की सुविधा से वंचित है ग्रामीण।

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चंदवा प्रखंड के सुदूरवर्ती बरवाटोली पंचायत में जंगल एवं पहाड़ों से घिरा हुआ राजस्व ग्राम है चिलदरी। चिलदरी एवं रूद गांव के सीमावर्ती गांवों के विभिन्न टोलों (नेवराखांड, बेलतांड़, जावाखांड) में 50 आदिवासी परिवार निवास करते हैं। इन विभिन्न टोलों में 10 वर्ष पूर्व बिजली के खंभे लगाए गए थे परंतु आज तक बिजली के तार नहीं लगाए गए। इस आधुनिकता के युग में बिजली का ना होना यह बताता है कि अभी भी इन गावों में विकास की बात करना एक सपना है। बार-बार बिजली विभाग लातेहार के अधिकारियों से बात करने के बाद भी इस समस्या के समाधान होने का कोई आसार नहीं दिख रहा है। झामुमो लातेहार के मीडिया प्रभारी स्थानीय युवा शुभम कुमार गिरी ने आज चिलदरी और रुद गांव के सीमावर्ती विभिन्न टोलों (नेवराखांड, बेलतांड़, जावाखांड) का दौरा करके वहां के विभिन्न ग्रामीणों से बिजली संबंधित समस्याओं को जाना। इस मामले में श्री शुभम कुमार गिरी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया की संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्द ही बिजली के खंभे एवं तार लगाने का काम शुरू कराया जाएगा। इस समस्या को दूर करने के लिए लातेहार झामुमो विधायक श्री बैजनाथ राम को जल्द अवगत कराया जाएगा, साथ ही आम ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिले के उपायुक्त श्री अबू इमरान जी से एवं बिजली के उच्च अधिकारियों से भी मिलने जाएंगे। श्री गिरी ने सरकार की मूलभूत सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही। गांव के लोगों को इस बार एक बार पुनः उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है कि उनका गांव भी बिजली की रोशनी से जगमग होगा। इस बैठक में निस्तार सुरीन,रॉयन सुरीन,पावेल बागे,मेरी बागे,मस्कलन सुरीन,उंबुलान सुरीन,नूतन बागे, जॉर्ज सुरीन,उमलेन बागे, मार्शलन बागे,शालीन सुरीन, धरम सुरीन, निमुंती बागे,ज्योति सुरीन,जयवंती भूइंया ,रेजन बागे, मार्टिन आईंद,जोसेफ आईंद,जॉर्ज आनिंड, लिल्यानी कोंगाड़ी,बिमल बागे,सुशील बागे,अनिल सुरीन, तूनुर बागे, एनोन्न बागे,विशाल बागे,सूजन बागे इत्यादि अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।