कोरोना काल में कलाकारों ने घर बैठे मानव तस्करी पर बनाया काव्य फिल्म , यूट्यूब पर रिलीज के साथ मिल रहा बेहतर रिस्पांस-video

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कोरोना संक्रमण काल में सरायकेला के आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के कलाकारों ने झारखंड राज्य में मासूम बच्चियों के मानव तस्करी से जुड़े अनछुए पहलुओं को पहली बार ओडिसी नृत्य के माध्यम से चित्रित किए जाने का कार्य किया है, बीते 15 अगस्त को “ए छोरी ” नामक काव्य वृतांत को यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है, जिसके बाद इस काव्य वृतांत को काफी सराहना मिल रही है।[embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=Cyhbnkbohac[/embedyt]

झारखंड राज्य में मानव तस्करी के केंद्र बिंदु पर स्थापित इस शॉर्ट फिल्म में पहली बार कई प्रयोग किए गए हैं, इस कहानी में सभी पात्रों के लिए संवाद एक ही कहानी के सूत्रधार और फिल्म कलाकार कौशिक मिश्रा द्वारा कहा गया है, वही फिल्म के कहानी की विशेषता यह है कि इसे काव्य रूप में पहली बार प्रस्तुत किए जाने का प्रयास किया गया है. काव्य वृतांत के रूप में प्रस्तुत किए गए इस शॉर्ट फिल्म में कलाकारों ने पहली बार कविता और कहानी लेखन के अनुसार भाव भंगिमा को फोटो के माध्यम से प्रस्तुत किया , जिसे एक सूत्र में पिरो कर काव्य का रूप दिया गया है.

लॉकडाउन के कारण अलग-अलग शहर और राज्यों में रहकर कलाकारों ने तस्वीरें भेज बनाई फिल्म.

काव्य वृतांत कहानी की पटकथा रचना रश्मि द्वारा लिखी गई है , जबकि कहानी के सूत्रधार कौशिक मिश्रा है , और इसे ओडीसी नृत्य के रूप में एकलव्य डांस एकेडमी के ओमनिस दास ने प्रस्तुत किया है , कहानी को काव्य के रूप में प्रस्तुत किए जाने का प्रयास किया गया, इधर लॉक डाउन होने के कारण कलाकारों का एक साथ इकट्ठा हो पाना मुश्किल था , ऐसे में कहानी की पटकथा रचना रश्मि द्वारा तैयार की गई और सूत्रधार कौशिक मिश्रा ने कलाकारों को पटकथा के अनुसार ओडिसी नृत्य के जरिए अलग-अलग मुद्राओं में तस्वीरें खींचकर बाद में एक साथ एकत्र कर इसे चित्रांकन चलचित्र का रूप दिया गया.

इस काव्य वृतांत नृत्य नाटिका में कोलकाता , बक्सर , हैदराबाद, जमशेदपुर, सरायकेला , दुर्गापुर , धालभूमगढ़, नरसिंहगढ़ से कलाकार अपने पात्रों के साथ सम्मिलित हुए वही इन पात्रों का नृत्य नाटिका से जुड़ने का एकमात्र साधन उनके द्वारा भिजवाया गया फोटो ही रहा. इधर 10 दिनों के अंदर इस शॉर्ट फिल्म काव्य वृतांत नृत्य नाटिका को यूट्यूब पर साढ़े चार हजार से अधिक लोगों ने देखा और सराहा है.