झारखंड की सबसे बड़ी कपड़ा मिल बंद, पांच हजार कामगार सड़कों पर

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झारखंड रांची:झारखंड की सबसे बड़ी कपड़ा मिल ओरियंट क्राफ्ट बंद हो गई है। जिसके चलते कंपनी की दो यूनिटों में कार्यरत 4800 कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। 2400 करोड़ का इन्वेस्टमेंट करने वाली इस कंपनी ओरियंट क्राफ्ट ने फैक्टरी की दोनों यूनिटों में ताला लगा दिया है। यही नहीं, झारखंड की कई दूसरी कपड़े की मिलों ने भी अपना बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा के साथ साथ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह इस मामले में कुछ भी नहीं कर रही है। भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा सरकार पूरी तरह से डिरेल्ड हो गई है। आजतक से मामले की जानकारी होने के बाद सरकार ने आनन फानन में उद्योग डायरेक्टर को उनके पद से हटा दिया है। जानकारी हो कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में बड़े तामझाम के साथ कपड़े की बड़ी कंपनी ओरियंट क्राफ्ट की स्थापना की गई थी। मोमेंटम झारखंड के बाद झारखंड में जो फैक्ट्री लगी थी। उसमें से एक कंपनी ओरियंट क्राफ्ट भी थी। रांची में इस कंपनी की दो यूनिटें लगी थी। एक यूनिट ओरमांझी के इरबा में और दूसरा खेल गांव में लगा था। यहां के बने कपड़े सात समंदर पार जाते थे।

* विदेश भी भेजे जाते थे कपड़े

अमेरिका ब्रिटेन, कनाडा सहित एक दर्जन यूरोपीय देशों में यहां के बने कपड़ों का एक्सपोर्ट होता था। यहां के बने शर्ट, जींस, सूट को काफी पसंद किया जाता था लेकिन कोरोना महामारी के बीच इस कंपनी की हालत अचानक खस्ता हो गई। लॉकडाउन में कई कर्मचारियों को ऑफिस आने के लिए मना कर दिया गया है। कंपनी के कई अधिकारी इस मामले में बोलने से कतरा रहे हैं।

झारखंड चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट कुणाल आजमानी ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए इस मामले में कहा है कि एक तरफ लोग कोरोना महामारी से परेशान हैं साथ ही नए उद्योग नहीं लग रहे हैं और जो लगे हैं वहां तालाबंदी हो रही है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द कंपनी को खुलवाने की मांग की है। बीजेपी सांसद ने राज्य की हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा है। ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी में जून तक उत्पादन हुआ और जुलाई से कंपनी बंद कर दी गई। कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को फैक्ट्री आने से मना कर दिया गया। जून के महीने में लॉकडाउन के वक़्त भी कंपनी ने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. इसको लेकर कंपनी के बाहर कामगारों ने काफी हंगामा भी किया था।

* मैनेजमेंट के लोग भी दिल्ली शिफ्ट हो गए हैं।

ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी के सीईओ गौरभ सहगल ने बताया कि कंपनी को सरकार की तरफ से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को बंद कर दिया गया है। यह राशि लगभग 33 करोड़ है। दरअसल, टेक्सटाइल नीति के तहत झारखंड के एक व्यक्ति को कंपनी में रोजगार देने पर सरकार उस कंपनी को 5 हजार से लेकर 6 हज़ार तक की प्रोत्साहन राशि देती है। सरकार के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कहा कि कंपनी आखिर क्यों बंद हुई इसकी विभाग समीक्षा करेगा।