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ओझा-गुणी के शक में टोकणारायण सिंह की हुई थी हत्या, नौ अभियुक्त गिरफ्तार

*ओझा-गुणी के शक में टोकणारायण सिंह की हुई थी हत्या, नौ अभियुक्त गिरफ्तार*

 

*पहले शव को नदी में गाड़ा फिर निकालकर जंगल में जला दिया था*

 

*संवाददाता/ धीरज कुमार*

 

लातेहार सदर थाना क्षेत्र के डाटम गांव निवासी टोकनारायण सिंह की हत्या ओझा गुनी के मामले में की गई थी। हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में मुकेश कुमार सिंह पिता रामकुमार सिंह, रामकुमार सिंह पिता नंदलाल सिंह, वीरेंद्र सिंह पिता स्व. रामदेव सिंह, हेमनारायण सिंह पिता त्रिभुवन सिंह, अनिल भुइयां पिता राजेश भुइयां ( सभी पांचों डाटम, लातेहार) दिलीप कुमार सिंह पिता केश्वर सिंह, शशि गोप पिता बंधन गोप, सुनील उरांव पिता बिगा उरांव (तीनों मांडर रांची) रितेश कुमार यादव पिता महेश यादव (रजवार, बालूमाथ, लातेहार) निवासी शामिल हैं।पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जेएच19सी0933, टाटा मैजिक जेएच 01डी जी3361, खून लगा पत्थर, खून लगी मिट्टी व अभियुक्त का खून लगा शर्ट बरामद किया है। उक्त जानकारी एसडीपीओ संतोष कुमार मिश्र व पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को सदर थाना में प्रेसवार्ता के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि टोकनारायण सिंह की बहू सरोज देवी ने 3 मार्च को अपने ससुर की गुमशुदगी व ओझा गुनी विवाद को लेकर लातेहार थाना कांड संख्या 45/2022 के आईपीसी की धारा 364/504/506/34 के तहत दर्ज कराया था। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार मिश्र के नेतृत्व में टीम गठित किया गया। अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि टोकनारायण सिंह की हत्या ओझा गुनी मामले को लेकर की गई है। उन्होंने बताया कि टोकनारायण सिंह को कुरियाम कला से घर लौटने के क्रम में मुकेश कुमार सिंह व दिलीप कुमार सिंह ने अपने कब्जे में ले लिया इसके बाद दोनों ने मिल कर पत्थर से कूचकर व चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठेकही नदी के किनारे बालू में गाड़ दिया। इसके बाद हत्यारों को लगा कि मामले का खुलासा हो जाएगा। इसके डर से दो दिन के बाद अभियुक्तों ने मृतक के शव को नदी से बाहर निकाला और मालवाहक वाहन में लाद कर चामा जंगल ले गए और सभी अभियुक्तों ने मिल कर शव को छुपाने के उद्देश्य से आग लगा दी।

उन्होंने आगे बताया कि कुछ दिन पहले मुकेश कुमार सिंह के भाई की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। मुकेश कुमार सिंह को लगा कि टोकनारायण सिंह ने ओझा गुनी कर मेरे भाई को मार दिया है। वहीं दिलीप कुमार सिंह को अपने सास की हत्या का शक था। इसके बाद इन दोनों ने टोकनारायण सिंह को हत्या करने की प्लानिंग बनाई और उनकी हत्या कर दी। ओझा गुनी को लेकर फैले अंधविश्वास को दूर करना जरूरी। एसडीपीओ संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि ओझा गुनी को लेकर फैले अंधविश्वास को दूर करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए पुरानी रूढ़िवादी विचारधारा से हटकर आगे आने की बात कहीं। डायन भूत जैसे अंधविश्वास को लेकर मारपीट या हत्या जैसे अपराध न करें। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटना कहीं भी होती है, तो पुलिस को तुरंत सूचित करें। ससमय कार्रवाई की जाएगी।

*छापामारी अभियान में ये थे शामिल*

लातेहार थाना पुअनि राज रौशन सिन्हा, दीपनारायण सिंह, अजय कुमार दास, मोहम्मद शाहरुख, रोहित कुमार महतो व देवानन्द कुमार व पुलिस जवान शामिल थे।

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