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चंदवा प्रखंड में ख्रीस्त राजा पर्व पर चंदवा में मसीही समुदाय द्वारा शोभायात्रा निकाली गई।

चंदवा प्रखंड में ख्रीस्त राजा पर्व पर चंदवा में मसीही समुदाय द्वारा शोभायात्रा निकाली गई।

पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ एक्का की अगुवई में मिस्सा अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस मिस्सा अनुष्ठान में फादर अल्फोंस बारला, फादर मनुबेन केरकेट्टा, फादर वासिल डुंगडुंग,, फादर संजय गिद्ध और और प्रदीप पन्ना ने भी साथ दिया।

पल्ली पुरोहित धर्म श्रेष्ठों द्वारा पवित्र मिस्सा बलिदान चढ़ाया गया। मिस्सा बलिदान चढ़ाने के बाद प्रथम परम प्रसाद संस्कार किया गया। राजा राजेश्वर के सम्मान में पारस यूनिट में जुलूस निकाला गया।

ख्रीस्त राजा पर्व पर चंदवा में मसीही समुदाय द्वारा निकाली गई शोभायात्रा

मौके पर पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ एक्का समेत अन्य ने येशु राजा राजेश्वर के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए परम प्रसाद का महत्व बताया। ख्रीस्त राजा को राजा चुने जाने के बारे में बताया कि अब ख्रीस्त राजा का राज्य आएगा।

उन्होंने मसीहियों को बताया कि ख्रीस्त ही इकलौता राजा है, जो सभी का भला करेगा। जुलूस में भक्त रोजरी बोलते हुए और मसीही भजन गाते हुए चल रहे थे। जुलूस में ख्रीस्त तू हमारा राजा है तेरा राज आवे हम सभी विश्वासी चाहते हैैं कि तू इस राज्य में आवे और हमारे दुखों को दूर करे। तू इकलौता राजा है, जो सभी को समान भाव से देखता है। ख्रीस्त राजा की जय, मार्ग सत्य व जीवन मैं ही हूं, अपने शत्रुओं से भी प्यार करो, धन्य हैं वो जो अपने को दीन हीन समझते हैं आदि बैनर्स के साथ विश्वासी शोभायात्रा में साथ चल रहे थे।

पवित्र संक्रामेंट को सभी पल्ली-पुरोहितों ने बारी-बारी से सम्मान पूर्वक जुलूस के साथ घुमाया। मसीही समुदाय के सुमन सुनील सोरेंग, स्टेफन मिंज, कुलदीप लकड़ा, अनुराग टोप्पो, प्रशांत बाड़ा समेत अन्य लोगों ने बताया कि ख्रीस्त राजा की याद में यह पर्व मनाया जाता है। मसीही आराधना का यह अंतिम रविवार होता है। ख्रीस्त राज्य पर मसीही यकीन करते हैं और प्रभु को ही अपना राजा मानते है।

मौके पर मारकुस गुड़िया, विनय खलखो, प्रमोद मिंज, धावल कुजूर, अब्राहम कोंगाड़ी, फिलिप बागे, दिलवर टोपनो, राजेश लकड़ा, अनिल लकड़ा, आश्रिता तिर्की, सुनीता तिर्की, किरण सुरीन, अंजेला सोरेंग, फुलजेंसिया बेक, इसीदोर आईंद, कमला चेरमाको के अलावा चीरो, पिरदाग, लुकुइया, भूषाढ़, रूदमूर्तिया, केदली, रेका, लवरपुर, तलसा, खड़िया, चोरझरिया, दामोदर, गुरतुर आदि पारिश यूनिट के मसीही समुदाय के महिला-पुरूष व बच्चे मौजूद थे।

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